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रामपुर जेल से रिहाई के बाद आजम खान को ED ने हिरासत में लिया, अखिलेश ने सरकार को घेरा

ब्यूरो कार्यालय

Author | Updated: 31 Oct 2026, 11:06 PM IST | 1 min read
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रामपुर, 31 अक्टूबर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने रामपुर जेल से रिहाई के बाद अपने खिलाफ दर्ज मुकदमों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अब कहने के लिए कुछ नहीं बचा है और कानून खत्म हो गया है। आजम खान ने अपने बयान में मुस्लिम होने और बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूल तथा विश्वविद्यालय बनवाने को लेकर भी टिप्पणी की। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर आजम खान के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की आलोचना की।

आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में जमानत मिलने के बाद 31 अक्टूबर को रामपुर जिला जेल से रिहा किया गया। हालांकि, रिहाई के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आजम खान को जेल के बाहर से हिरासत में ले लिया।

अब कहने के लिए बचा ही क्या है? – आजम खान

रिहाई के बाद आजम खान ने कहा, “अब कहने के लिए बचा ही क्या है? मैं क्या कहूं? कानून खत्म ही हो गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “मुसलमान होने की सजा है। हमारी गलती बस इतनी थी कि एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई। यही हमारा गुनाह है। हमने बच्चों के लिए स्कूल बनवाए। यही हमारा गुनाह है।”

आजम खान की ये टिप्पणियां उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों और लंबे समय तक जेल में रहने से संबंधित थीं। उनके खिलाफ विभिन्न मामलों में कानूनी कार्यवाही चलती रही है।

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नाइंसाफ़ी जब हद से गुज़र जाती….

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर आजम खान के खिलाफ कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने लिखा, “आज के हुक्मरानों को याद रहे जब वक़्त बदल जाता है तो तख़्त बदल जाता है।”

अखिलेश यादव ने आगे आरोप लगाया कि आजम खान को मुकदमों में फंसाकर बार-बार जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने लिखा कि आजम खान के साथ मुकदमों के जरिए जो साजिश की जा रही है, उसे देश ही नहीं, पूरी दुनिया देख रही है।

ED, CBI और income Tax बीजेपी के लिए काम कर रही है - सपा प्रमुख अखिलेश यादव

उन्होंने कहा कि किसी उम्रदराज व्यक्ति को ऐसे मुकदमों में फंसाकर बार-बार जेल में डालना कायराना हरकत है। अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा सत्ता गलत परंपराओं को बढ़ावा दे रही है और समय बदलने पर उसे भी इसका सामना करना पड़ सकता है।

अपनी पोस्ट के अंत में अखिलेश यादव ने लिखा, “नाइंसाफ़ी जब हद से गुज़र जाती है तो जुल्म करनेवाले के लिए ही कहर बन जाती है।” उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को निंदनीय बताया।

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