सिंगरौली। दिव्यांगजनों को आधुनिक तकनीक से जुड़ी पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा सिंगरौली द्वारा विशेष पहल की गई। जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC) में Adventures Beyond Barriers Foundation (ABBF), पुणे और Rise Bionics, बेंगलुरु के सहयोग से 3D तकनीक आधारित कृत्रिम अंग एवं ऑर्थोसिस के लिए विशेष असेसमेंट शिविर आयोजित किया गया।
दिव्यांगजनों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से बेहतर पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा सिंगरौली द्वारा विशेष पहल की गई। जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC) में Adventures Beyond Barriers Foundation (ABBF), पुणे एवं Rise Bionics, बेंगलुरु के सहयोग से 3D तकनीक आधारित कृत्रिम अंग एवं ऑर्थोसिस के लिए विशेष असेसमेंट शिविर आयोजित किया गया। शिविर में लगभग 30 दिव्यांगजनों का आकलन किया गया। शिविर में विशेषज्ञों ने दिव्यांगजनों की शारीरिक जरूरतों के अनुसार कृत्रिम अंग (प्रोस्थेसिस) एवं ऑर्थोसिस उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक 3D तकनीक से परीक्षण किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप उपयुक्त पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सहयोग देना है। यह शिविर आदित्य बिड़ला ग्रुप के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में ABBF की ओर से दिव्यांशु गनात्रा एवं परेश देगांवकर तथा Rise Bionics की ओर से गीता सहित विशेषज्ञों की टीम मौजूद रही। टीम ने दिव्यांगजनों की जरूरतों का आकलन कर आधुनिक तकनीक आधारित पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया।
इस अवसर पर रेडक्रॉस सोसायटी सिंगरौली के चेयरमैन एस. डी. सिंह ने कहा कि आधुनिक तकनीक का लाभ दिव्यांगजनों तक पहुंचाना उन्हें सशक्त, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रेडक्रॉस सोसायटी जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार जनकल्याणकारी पहल कर रही है।
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शिविर का आयोजन जिला कलेक्टर एवं रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष के नेतृत्व तथा चेयरमैन एस. डी. सिंह और सचिव डॉ. ओ.पी. राय के मार्गदर्शन एवं सहयोग से किया गया। शिविर के सफल आयोजन में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के समस्त कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आधुनिक 3D तकनीक आधारित इस पहल से जिले में दिव्यांग पुनर्वास सेवाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।



