सिंगरौली। युवाओं को सही दिशा देने, उन्हें कानून के प्रति जागरूक बनाने और सुरक्षित भविष्य के लिए जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस की सामुदायिक पुलिस शाखा एवं उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शासकीय महाविद्यालय बैढ़न में ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
युवाओं को जागरूक, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक षियाज के.एम. ने शासकीय महाविद्यालय बैढ़न में विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनसे सीधा संवाद किया। मध्यप्रदेश पुलिस की सामुदायिक पुलिस शाखा एवं उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 31 अक्टूबर को आयोजित ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ कार्यक्रम में एसपी ने विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों, व्यक्तिगत सुरक्षा, कानून और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने भी बेझिझक अपने सवाल रखे, जिनका एसपी ने सरल और व्यावहारिक तरीके से जवाब दिया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक ने अपने जीवन में घटित एक घटना का जिक्र करते हुए हेलमेट की अहमियत समझाई। उन्होंने कहा कि हेलमेट केवल यातायात नियमों का पालन करने का साधन नहीं, बल्कि जिंदगी बचाने वाला सुरक्षा कवच है। दोपहिया वाहन चलाते समय चालक और पीछे बैठने वाले व्यक्ति, दोनों के लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही व्यक्ति के साथ पूरे परिवार की खुशियों को प्रभावित कर सकती है।
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एसपी ने किशोरावस्था से वयस्कता की ओर बढ़ते समय होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक बदलावों पर चर्चा की। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम, महिला एवं बाल सुरक्षा, कानूनी अधिकारों, व्यक्तिगत सीमाओं के सम्मान और जिम्मेदार व्यवहार की जानकारी दी। विद्यार्थियों को जीवन में सही निर्णय लेने, लक्ष्य निर्धारित करने और कठिन परिस्थितियों में धैर्य एवं आत्मविश्वास बनाए रखने की सीख भी दी।
डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल और निजी जानकारी की गोपनीयता के प्रति सतर्क किया गया। एसपी ने साइबर ठगी की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1930 और वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत करने की जानकारी दी। साथ ही नशे के दुष्परिणाम बताते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने की अपील की। आपातकालीन सहायता के लिए डायल-112 सेवा के उपयोग की जानकारी भी दी गई। संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपने भविष्य, व्यक्तिगत सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और सामाजिक व्यवहार से जुड़े सवाल पूछे। पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक प्रश्न को गंभीरता से सुनते हुए उदाहरणों के माध्यम से उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को हमेशा सीखने की इच्छा रखनी चाहिए और अपने जीवन में नैतिक मूल्यों, अनुशासन तथा सकारात्मक सोच को प्राथमिकता देनी चाहिए



