Urjanchal Tiger
मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 |

No Live TV Stream Available

Please check back later.

HDFC Bank ने घटाई MCLR दरें : होम लोन और पर्सनल लोन सस्ते होने के संकेत

HDFC Bank ने 7 अप्रैल 2026 से शॉर्ट टर्म MCLR दरों में कटौती की है। जानें नई दरें, किन लोन पर होगा असर और RBI पॉलिसी से क्या है कनेक्शन।

नौशाबा अंजुम

Author | Updated: 09 Apr 2026, 08:03 PM IST | 1 min read
HDFC Bank ने घटाई MCLR दरें : होम लोन और पर्सनल लोन सस्ते होने के संकेत
Share:
Advertisement

देश के प्रमुख निजी बैंक HDFC Bank ने अपने ग्राहकों को राहत देते हुए Marginal Cost of Funds Based Lending Rate (MCLR) में आंशिक कटौती की है। बैंक की नई दरें 7 अप्रैल 2026 से लागू हो गई हैं। यह फैसला Reserve Bank of India की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा से ठीक पहले लिया गया है, जिसे बाजार के लिहाज से एक अहम संकेत माना जा रहा है।

किन-किन दरों में हुआ बदलाव

बैंक द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, शॉर्ट टर्म अवधि की MCLR दरों में 5 बेसिस पॉइंट (0.05%) की कटौती की गई है।

  • ओवरनाइट MCLR: 8.15% से घटाकर 8.10%
  • एक माह की MCLR: 8.15% से घटाकर 8.10%
  • तीन माह की MCLR: 8.25% से घटाकर 8.20%

हालांकि, मध्यम और लंबी अवधि की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है:

  • 6 माह: 8.35%
  • 1 वर्ष: 8.35%
  • 2 वर्ष: 8.45%
  • 3 वर्ष: 8.55%

ग्राहकों पर क्या होगा असर

HDFC Bank ने घटाई MCLR दरें : होम लोन और पर्सनल लोन सस्ते होने के संकेत

MCLR में कटौती का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ता है जिनके लोन MCLR से जुड़े होते हैं। खासकर शॉर्ट टर्म लोन जैसे वर्किंग कैपिटल लोन या कुछ पर्सनल लोन सस्ते हो सकते हैं। हालांकि, होम लोन पर असर सीमित रहेगा क्योंकि अधिकांश होम लोन अब रेपो-लिंक्ड दरों से जुड़े होते हैं।

बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बाजार में लिक्विडिटी और ब्याज दरों के ट्रेंड को दर्शाता है। यदि RBI आगामी नीति में दरों में बदलाव करता है, तो आगे और राहत मिल सकती है।

Advertisement

MCLR क्या है और क्यों जरूरी है

Marginal Cost of Funds Based Lending Rate (MCLR) वह न्यूनतम ब्याज दर होती है जिस पर बैंक अपने ग्राहकों को लोन दे सकते हैं। इसे 2016 में RBI ने लागू किया था, जिससे पहले ‘बेस रेट’ सिस्टम लागू था।

MCLR के जरिए बैंक अपने फंड की लागत, ऑपरेशनल खर्च और अन्य कारकों के आधार पर लोन की ब्याज दर तय करते हैं। यह सिस्टम पारदर्शिता बढ़ाने और ग्राहकों को बेहतर दरें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू किया गया था।

बाजार संकेत

विशेषज्ञों के अनुसार, HDFC Bank की यह कटौती संकेत देती है कि बैंकिंग सेक्टर में ब्याज दरों का दबाव कम हो रहा है। अब सभी की नजर RBI की अगली मौद्रिक नीति पर है, जहां रेपो रेट में संभावित बदलाव से लोन की दरों पर व्यापक असर पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, यह कदम उधार लेने वालों के लिए सकारात्मक संकेत है, खासकर उन ग्राहकों के लिए जिनके लोन MCLR से जुड़े हुए हैं।

Ad
मिश्रा पॉली क्लीनिक एवं नर्सिंग होम
मिश्रा पॉली क्लीनिक एवं नर्सिंग होम
मोतियाबिंद का आधुनिक मशीनों एवं अनुभवी सर्जन द्वारा सुरक्षित ऑपरेशन
डॉ. के. एल. पांडेय MBBS, MS नेत्र रोग विशेषज्ञ
☎ CALL NOW 6266601178
● बलियरी रोड, रामलीला मैदान के पीछे, बैढ़न, जिला-सिंगरौली (म.प्र.) 486886