सिंगरौली। जिले भर में ईद मिलादुन्नबी का त्योहार बड़े अदब-ओ-एहतराम और अकीदत के साथ मनाया गया। इस मौके पर शहर के अलग-अलग इलाकों में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाले गए, जिनमें बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने शिरकत की और सरकार-ए-दो आलम हज़रत मोहम्मद ﷺ की तालीमात को याद किया।
जुलूस-ए-मोहम्मदी में गूंजे नारे-ए-तकबीर
जुलूस के दौरान अकीदतमंदों ने हाथों में हरे परचम और तिरंगा लेकर नारे-ए-तकबीर बुलंद किए। पूरा माहौल “या नबी सलाम अलैक” और दरूद-ओ-सलाम से गूंज उठा। रास्ते भर जगह-जगह लोगों ने जुलूस का इस्तकबाल किया और फूल बरसाकर मोहब्बत का इज़हार किया।
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मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का पैगाम
ईद मिलादुन्नबी के मौके पर उलेमा-ए-कराम ने अपने खिताब में फरमाया कि
“हज़रत मोहम्मद ﷺ ने दुनिया को अमन, मोहब्बत और इंसानियत का रास्ता दिखाया है। हमें उनकी सीरत पर चलकर समाज में भाईचारा और एकता कायम रखनी चाहिए।”
यह त्योहार सिर्फ खुशी का मौका नहीं, बल्कि इंसानियत और रहमत का पैगाम देने का भी दिन है।
मस्जिदों में रोशनी और दुआओं का सिलसिला
जिले की मस्जिदों और मदरसों को रोशनी से सजाया गया। नमाज़ और खास दुआओं का एहतमाम किया गया, जिसमें मुल्क की सलामती, तरक्की और अमन-चैन के लिए दुआएं मांगी गईं।
जगह-जगह लंगर और शर्बत का इंतजाम
इस मौके पर कई स्थानों पर लंगर, शर्बत और मिठाई का इंतजाम किया गया। राहगीरों और जुलूस में शामिल लोगों को तबर्रुक बांटा गया, जिससे भाईचारे और मोहब्बत का माहौल और मजबूत हुआ।




