असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए व्यापक राहत पैकेज की घोषणा की है। इस पैकेज में मुफ्त राशन, छात्रों के लिए शैक्षणिक सहायता, किसानों और स्वयं सहायता समूहों के लिए लोन राहत तथा क्षतिग्रस्त धार्मिक एवं शैक्षणिक संस्थानों के लिए आर्थिक मदद जैसी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लाइव संबोधन के दौरान कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बाढ़ प्रभावित परिवार सहायता से वंचित न रहे।
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हर प्रभावित परिवार को मिलेगा राहत किट
सरकार प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार को आवश्यक खाद्य सामग्री का किट उपलब्ध कराएगी। इसमें शामिल होंगे
- चावल
- दाल
- खाद्य तेल
- अन्य आवश्यक घरेलू सामान
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक शिवसागर जिले में 2,37,513 राहत किट भेजी जा चुकी हैं, जबकि चराइदेव जिले में 63,000 राहत किट पहुंचाई गई हैं।
छात्रों को मिलेगी विशेष सहायता
बाढ़ के कारण पढ़ाई प्रभावित होने वाले विद्यार्थियों के लिए सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं।
- मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।
- बाढ़ में खोए अंकपत्र, प्रमाणपत्र और अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों की डुप्लीकेट कॉपी बिना किसी शुल्क के जारी की जाएगी।
इसका लाभ विशेष रूप से शिवसागर और चराइदेव के विद्यार्थियों को मिलेगा।
नामघर, स्कूल और कॉलेजों को आर्थिक सहायता
सरकार ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त हर नामघर के लिए एकमुश्त ₹1.5 लाख की सहायता देने का ऐलान किया है।
इसके अलावा बाढ़ में क्षतिग्रस्त स्कूलों और कॉलेजों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण के लिए भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

किसानों और स्वयं सहायता समूहों को राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के
- किसानों
- स्वयं सहायता समूहों (SHGs)
- पशुपालन से जुड़े लोगों
- मत्स्य पालन करने वालों
- कृषि आधारित अन्य गतिविधियों से जुड़े लाभार्थियों
को सरकारी ऋणों पर 6 महीने का मोरेटोरियम (किस्त स्थगन) दिया जाएगा।
निजी बैंकों के लोन पर भी विचार
राज्य सरकार निजी बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लिए गए ऋणों पर भी राहत देने की संभावना तलाश रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
छोटे कारोबारियों को अतिरिक्त ऋण
जो लोग पहले से सरकारी ऋण चुका रहे हैं, उन्हें बिना नया आवेदन दिए और बिना किसी अतिरिक्त गारंटी के ₹10,000 का अतिरिक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इससे छोटे व्यापारियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को दोबारा आर्थिक गतिविधियां शुरू करने में मदद मिलेगी।
7 अगस्त से होगा नुकसान का सर्वे
राज्य सरकार 7 अगस्त से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत सर्वे शुरू करेगी।
इस सर्वे के आधार पर नुकसान का आकलन किया जाएगा और आगे मुआवजा तथा पुनर्वास की प्रक्रिया तय की जाएगी।
महिलाओं के लिए अलग राहत पैकेज
मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्यमिता योजना के तहत ₹10,000 का ऋण लेने वाली महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए अलग राहत पैकेज तैयार किया जा रहा है।
इससे संबंधित विस्तृत घोषणा जल्द की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार को समय पर राहत और पुनर्वास सहायता मिले तथा लोगों का सामान्य जीवन जल्द से जल्द पटरी पर लौट सके।




