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न्याय की गुहार लेकर थाने पहुंचा युवक, सुनवाई नहीं होने पर खाया जहर; मौत से मचा हड़कंप

Om Prakash Shah

Author | Updated: 06 Nov 2026, 01:27 PM IST | 1 min read
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भोपाल। ठगी के मामले में कार्रवाई की गुहार लगाते-लगाते एक युवक ने कथित तौर पर पुलिस की बेरुखी से परेशान होकर आत्मघाती कदम उठा लिया। भोपाल के अशोका गार्डन थाने के आगंतुक कक्ष में युवक ने सल्फास खा लिया।

राजधानी भोपाल में ठगी का शिकार हुए एक युवक की दर्दनाक मौत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि ठगी की शिकायत लेकर अशोका गार्डन थाने पहुंचे युवक की सुनवाई नहीं हुई। लंबे समय से आर्थिक परेशानी और कर्ज के दबाव से जूझ रहे युवक ने कथित तौर पर थाने के आगंतुक कक्ष में सल्फास खा लिया। गंभीर हालत में उसे हमीदिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक नरेंद्र मूलतः विदिशा जिले के सतियाखेड़ी गांव का निवासी था और करीब 10 वर्षों से भोपाल के सेमरा क्षेत्र में रहकर रैपिडो चलाता था। नरेंद्र के मुताबिक, कटारा हिल्स क्षेत्र में रहने वाले पुलक सक्सेना से उसकी करीब छह साल पुरानी पहचान थी। आरोप है कि चार साल पहले पुलक ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर 12 लाख 85 हजार रुपये का मुद्रा लोन दिलाने का भरोसा दिया। इसके एवज में पहले प्रोसेसिंग फीस, फिर ऑनलाइन खर्च और अन्य मदों के नाम पर उससे अलग-अलग किस्तों में करीब साढ़े पांच लाख रुपये ले लिए गए। हालांकि, न तो उसे लोन मिला और न ही उसकी रकम वापस की गई।

नरेंद्र की पत्नी प्रतीक्षा के अनुसार, रकम वापस मांगने पर आरोपी ने कथित तौर पर यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि लोन कराने वाला व्यक्ति रुपये लेकर भाग गया है। इसके बाद नरेंद्र लगातार अपनी रकम वापस पाने के लिए परेशान होता रहा। उधर, उधार चुकाने का दबाव भी बढ़ता जा रहा था। परिजनों का आरोप है कि नरेंद्र ने पहले भी थाने में शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। घटना वाले दिन वह पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचा और वहां शिकायत देकर उसकी रसीद भी प्राप्त की। इसके बाद अशोका गार्डन थाने पहुंचकर पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई। आरोप है कि उसे बाद में आने और टीआई से मिलने के लिए कहा गया। दोबारा थाने पहुंचने पर भी सुनवाई नहीं होने से वह बेहद निराश हो गया और कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। नरेंद्र ने मौत से पहले करीब 13 मिनट का वीडियो बनाया था। इसमें उसने कथित ठगी की पूरी कहानी बताने के साथ पुलिस से न्याय नहीं मिलने की पीड़ा भी जाहिर की। जहर खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी तो पुलिस उसे हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

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