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Flipkart डील में Tiger Global को देना होगा टैक्स : Supreme Court

ब्यूरो कार्यालय

Author | Updated: 16 Jan 2026, 06:04 PM IST | 1 min read
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निजी इक्विटी फर्म Tiger Global को एक बड़े कानूनी झटके में Supreme Court ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि Flipkart में Tiger Global द्वारा बेची गई हिस्सेदारी पर भारत में टैक्स लगाया जाएगा। यह सौदा अमेरिकी रिटेल दिग्गज Walmart के साथ हुआ था, जिसकी कुल वैल्यू करीब 1.6 अरब डॉलर बताई गई।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि इस तरह के विदेशी निवेश सौदों को Income Tax Act के प्रावधानों से बाहर नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने माना कि यह मामला केवल शेयर ट्रांसफर का नहीं, बल्कि भारत में अर्जित पूंजीगत लाभ (Capital Gains) का है, जिस पर कर देनदारी बनती है।

टैक्स अवॉयडेंस पर सख्त रुख

अदालत ने कहा कि विदेशी कंपनियां टैक्स हेवन या जटिल कॉर्पोरेट संरचनाओं के जरिए tax avoidance नहीं कर सकतीं। यदि किसी सौदे से वास्तविक आर्थिक लाभ भारत में उत्पन्न होता है, तो उस पर भारतीय कर कानून लागू होगा।

सरकार के पक्ष में फैसला

इस मामले में आयकर विभाग ने तर्क दिया था कि Flipkart जैसे भारतीय बाजार से जुड़े सौदों में अर्जित लाभ पर टैक्स लगना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के इस रुख को सही ठहराते हुए कहा कि कर कानूनों की व्याख्या व्यावहारिक और आर्थिक वास्तविकता के आधार पर होनी चाहिए, न कि केवल कागजी ढांचे पर।

विदेशी निवेशकों के लिए संकेत

विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला भारत में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि वे Income Tax Act के प्रावधानों का पालन करें। इससे भविष्य में बड़े M&A और स्टेक सेल सौदों पर टैक्स प्लानिंग और अनुपालन और सख्त हो सकता है।

Flipkart-Walmart डील पर क्या होगा असर ?

हालांकि इस फैसले का Flipkart के मौजूदा कारोबार पर सीधा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन Walmart द्वारा किए गए अधिग्रहण से जुड़े पुराने निवेशकों की टैक्स देनदारी तय हो गई है। इससे भारत में ई-कॉमर्स सेक्टर में हुए बड़े सौदों की कर जांच का दायरा भी बढ़ सकता है।

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