नगर पालिक निगम सिंगरौली ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में हुई अनियमितताओं पर कठोर कदम उठाए हैं। जिला प्रशासन के अनुसार बीएलसी घटक के तहत चयनित 751 हितग्राहियों ने शासन से मिली ₹2.50 लाख की राशि का उपयोग आवास निर्माण में नहीं किया है। इस पर निगम प्रशासन ने उनके बैंक खाते सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है ताकि शासन की राशि की वसूली हो सके।
इसी क्रम में गनियारी स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना (एएचपी घटक) के तहत बने ईडब्ल्यूएस आवासों में भी कार्रवाई तेज की गई है। यहां 70 ऐसे हितग्राही हैं जिन्होंने अब तक अपना ₹2.00 लाख का अंशदान जमा नहीं किया। नगर निगम ने एमआईसी की स्वीकृति के बाद इनके आवंटन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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निगम आयुक्त श्रीमती सविता प्रधान ने बताया कि शासन द्वारा दी गई राशि का सही उपयोग सुनिश्चित करना निगम की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग योजना की शर्तों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
प्रधानमंत्री आवास (शहरी) की नोडल अधिकारी श्रीमती ज्योति सिंह ने बताया कि योजना में पारदर्शिता बनाए रखने और वास्तविक हितग्राहियों को लाभ देने के लिए निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। उनका कहना है कि योजना का उद्देश्य हर पात्र परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराना है, और प्रशासन इस दिशा में पूरी गंभीरता से काम कर रहा है।




