सिंगरौली, 2 नवंबर 2026। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में खेतों में नरवाई, पराली और फसल अवशेष जलाने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अंकित अस्थाना ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया। आदेश में फसल कटाई के लिए सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) के बिना हार्वेस्टर के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है।
जिला प्रशासन के अनुसार, फसल अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है। इससे मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव नष्ट हो सकते हैं, जिसका असर भूमि की उत्पादकता और फसल उत्पादन पर पड़ता है। प्रशासन ने आग के अनियंत्रित फैलने से जन-धन की हानि और पराली जलाने से जहरीली गैसों के उत्सर्जन की आशंका भी जताई है।
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हार्वेस्टर में सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम अनिवार्य
जारी आदेश के अनुसार, जिले की सीमा में फसल कटाई के लिए ऐसे हार्वेस्टर का उपयोग नहीं किया जा सकेगा, जिनमें सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (SMS Cutter) नहीं लगा हो। हार्वेस्टर संचालकों को कटाई के दौरान इस प्रणाली का उपयोग करना होगा। इसका उद्देश्य फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करना और उन्हें जलाने की आवश्यकता कम करना है।
उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने जनस्वास्थ्य और सार्वजनिक सुरक्षा का हवाला देते हुए आदेश तत्काल प्रभाव से एकपक्षीय रूप से लागू किया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश में प्रतिबंध लागू करने की तत्काल प्रभावशीलता स्पष्ट की गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में निगरानी व्यवस्था, उल्लंघन पर निर्धारित दंड की विस्तृत प्रक्रिया और आदेश की समाप्ति तिथि का उल्लेख नहीं है।



