सिंगरौली। कलेक्टर श्री गौरव बैनल के प्रतिवेदन पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) ने Sasan Power Limited को एश डाइक की सुरक्षा और स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए सख्त तकनीकी निर्देश जारी किए हैं। विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर सुधारात्मक कार्यों के लिए 31 दिसंबर 2026 तक की समय-सीमा तय की गई है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में भारी वर्षा के दौरान सासन पावर के एश डाइक के बाहरी हिस्से को नुकसान पहुंचा था, जिससे फ्लाई-ऐश आसपास के खेतों तक फैल गई। इस गंभीर पर्यावरणीय घटना को कलेक्टर ने संज्ञान में लेते हुए विस्तृत तकनीकी जांच कराई।
Also Read
इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने विशेषज्ञ समिति गठित की, जिसने 3 और 4 सितंबर 2026 को स्थल निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
Read Today's E-Magazine
Swipe through the complete digital edition of Urjanchal Tiger right on your screen.

सासन पावर को दिए गए प्रमुख निर्देश
विशेषज्ञ रिपोर्ट के आधार पर MPPCB ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए
- क्षतिग्रस्त एम्बैंकमेंट की डिजाइन के अनुसार मरम्मत और उचित कॉम्पैक्शन
- डाउनस्ट्रीम स्लोप की ग्रेडिंग और इरोशन प्रोटेक्शन
- प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम और क्रैक/इरोशन चैनल का उपचार
- एश डाइक की जियोटेक्निकल असेसमेंट और स्टेबिलिटी एनालिसिस
वैज्ञानिक निगरानी होगी अनिवार्य
- CCTV आधारित सतत निगरानी
- ऑटोमेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम
- पाईजोमीटर से जलस्तर और दबाव की निगरानी
- सेटलमेंट और डिफॉर्मेशन मॉनिटरिंग सिस्टम

₹50 लाख की बैंक गारंटी और सख्त शर्तें
बोर्ड ने कार्यों के समयबद्ध अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए ₹50 लाख की बैंक गारंटी जमा कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि
- एश डाइक की मरम्मत और सत्यापन पूरा होने के बाद ही
- संबंधित Lagoon-1 में फ्लाई-ऐश स्लरी का निस्तारण दोबारा शुरू किया जा सकेगा
पर्यावरण और ग्रामीण सुरक्षा पर फोकस
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि एश डाइक की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अब सुधारात्मक कार्यों की तकनीकी निगरानी और समयबद्ध पालन सुनिश्चित किया जाएगा।





