सिंगरौली, 19 सितम्बर 2026। मध्यप्रदेश शासन के ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ के तहत वाराणसी से बड़नगर तक निकाली जा रही ‘जल, जन और सेवा संकल्प’ बाइक यात्रा का सिंगरौली जिले में प्रवेश होते ही चितरंगी विधानसभा क्षेत्र के लमसरई में भव्य स्वागत किया गया। पूरे क्षेत्र में उत्साह, सहभागिता और जनजागरूकता का माहौल देखने को मिला।
राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह, विधायक राजेन्द्र मेश्राम, रामनिवास शाह, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कांत देव सिंह, जिलाध्यक्ष सुन्दर लाल शाह, पूर्व विधायक सुभाष वर्मा एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष अर्चना सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने यात्रा में शामिल प्रतिभागियों का गर्मजोशी से अभिनंदन किया।
Also Read
क्या है ‘जल, जन और सेवा संकल्प’ बाइक यात्रा का उद्देश्य?
यह बाइक यात्रा केवल एक रूट कवर करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य है:
Read Today's E-Magazine
Swipe through the complete digital edition of Urjanchal Tiger right on your screen.
- जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना
- पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को बढ़ावा देना
- जनसेवा और सामाजिक सरोकारों में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना
- ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा भावना को मजबूत करना
यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि छोटे-छोटे सामूहिक प्रयास ही बड़े सामाजिक बदलाव की नींव बनते हैं।
लमसरई के बाद यहां-यहां पहुंचेगी यात्रा
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बाइक यात्रा लमसरई के बाद
- देवरा – गौ सेवा एवं भारत माता आरती
- मिसिरगवां – ग्राम चौपाल और हितग्राही संवाद
- चितरंगी – युवा संवाद एवं भोजन कार्यक्रम
- कुड़ैनिया, बैरदह, हलफरी होते हुए कर्थुआ – रात्रि विश्राम, सुंदरकांड पाठ, जन पंचायत
अगले दिन यानी 20 सितम्बर को कर्थुआ में वृक्षारोपण के बाद यात्रा झोखो होते हुए सुबह 9:30 बजे सीधी जिले के लिए रवाना होगी।
सेवा संकल्प अभियान को मिला नया जनआंदोलन का स्वरूप
वाराणसी से शुरू होकर बड़नगर तक जाने वाली यह यात्रा रास्ते भर सेवा, जल संरक्षण, पर्यावरण और जनसहभागिता का संदेश दे रही है। सिंगरौली में इसका आगमन ग्रामीण क्षेत्रों तक अभियान को मजबूत करने का अहम अवसर बनकर उभरा है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि सेवा केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। जनभागीदारी से ही ऐसे अभियानों को स्थायी जनआंदोलन का रूप दिया जा सकता है।





