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कानून व्यवस्था और विकास कार्यों में समन्वय जरूरी – मुख्य सचिव

Om Prakash Shah

Author | Updated: 22 Jan 2026, 11:21 AM IST | 1 min read
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सिंगरौली। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले की कानून व्यवस्था एवं विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए माह में कम से कम दो दिन संयुक्त बैठक एवं क्षेत्र भ्रमण करें तथा आपसी समन्वय से कार्य करें।

प्रदेश में सुशासन की दिशा तय करते हुए मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक केवल बैठकों तक सीमित न रहें, बल्कि हर माह कम से कम दो दिन संयुक्त रूप से क्षेत्र में जाकर स्थिति का आकलन करें और समन्वय से कार्य करें। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को चेताया कि शासन की प्राथमिक योजनाएं फाइलों में नहीं, बल्कि ज़मीन पर दिखनी चाहिए। विकासखंड से लेकर ग्राम स्तर तक की नियमित समीक्षा करते हुए नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा जैसे राजस्व मामलों का समयबद्ध निराकरण किया जाए। लोक सेवा गारंटी योजना के तहत सभी सेवाएं तय समय सीमा में आम नागरिकों तक पहुंचें, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। सीएम हेल्पलाइन को लेकर मुख्य सचिव ने सख्त रुख अपनाते हुए 100 दिन से अधिक लंबित प्रकरणों को एक सप्ताह में निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली में आधुनिक सूचना एवं संचार तकनीक का उपयोग कर योजनाओं के डाटा का विश्लेषण किया जाए और हर योजना की तथ्यपरक रिपोर्ट प्रस्तुत हो। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी मुख्य सचिव ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए जिला और विकासखंड स्तर पर मजबूत व्यवस्था करने के निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन, नियमित जांच और एनीमिक महिलाओं की विशेष देखभाल के साथ-साथ कुपोषित बच्चों की निरंतर निगरानी के निर्देश दिए गए। सड़क सुरक्षा को बड़ी चुनौती बताते हुए मुख्य सचिव ने ब्लैक स्पॉट सुधार, यातायात नियमों के सख्त पालन और दुर्घटना के बाद पीड़ित को त्वरित सहायता सुनिश्चित करने को कहा। राहवीर योजना के प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि गोल्डन ऑवर में मदद करने पर सरकार द्वारा डेढ़ लाख रुपये तक की निःशुल्क उपचार सहायता दी जा रही है। बैठक में 15 वर्ष से अधिक पुराने शासकीय वाहनों को स्क्रैप करने, अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों में सात दिन के भीतर राहत राशि देने और जाति प्रमाण पत्र संबंधी प्रकरणों का संवेदनशील निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता के तहत ई-समन, ई-साक्ष्य व्यवस्था लागू करने और सभी शस्त्र लाइसेंस ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने को कहा गया। मुख्य सचिव ने वर्ष को कृषि वर्ष के रूप में मनाने के निर्देशों के तहत प्राकृतिक खेती, मृदा परीक्षण, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई और उद्यानिकी क्लस्टर विकसित करने पर जोर दिया। नगरीय क्षेत्रों में पेयजल गुणवत्ता, साफ-सफाई, पाइपलाइन लीकेज सुधार और अमृत रेखा ऐप से निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

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