नगरपालिक निगम सिंगरौली द्वारा शासन के निर्देशानुसार 30 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक “सेवा मेरा योगदान” कार्यक्रम के अंतर्गत स्वच्छता, सेवा और जनभागीदारी आधारित विभिन्न अभियानों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में नगर निगम आयुक्त श्रीमती सविता प्रधान ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी कार्यक्रमों का सुव्यवस्थित, समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आयुक्त ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप देना और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभियान के दौरान अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिले।
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निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 30 सितंबर को सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 2 से 4 अक्टूबर तक कृषि उपज मंडी (वार्ड क्रमांक 42), मुख्य बाजार, बस स्टैंड जयन्त (वार्ड क्रमांक 17) और सामुदायिक भवन वैढ़न (वार्ड क्रमांक 40) में स्वच्छता एवं प्लास्टिक मुक्त जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
इसी क्रम में 3 से 5 अक्टूबर तक गनियारी, ढोंटी, मोरवा, अमलोरी और नौगढ़ स्थित तालाबों तथा छठ घाटों को प्लास्टिक और ठोस अपशिष्ट से मुक्त करने के लिए विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया जाएगा। 4 अक्टूबर को सामुदायिक भवन मोरवा में “सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार” शिविर का आयोजन होगा, जिसमें नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जाएगा।
अभियान के तहत 7 अक्टूबर को अंबेडकर चौक से स्टेडियम तक “सेवा ज्योति यात्रा” निकाली जाएगी, जबकि 9 अक्टूबर को विभिन्न शासकीय परिसरों और सार्वजनिक स्थलों के साथ-साथ हरिहर तालाब, हर्रई पश्चिम तालाब, छठ घाट रेलवे स्टेशन, मुड़वानी तालाब और तेलाई तालाब में वृक्षारोपण और जलस्रोतों की स्वच्छता का कार्य किया जाएगा।
आयुक्त श्रीमती सविता प्रधान ने निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यक्रमों में स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यार्थियों, महिला समूहों और आम नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही आयोजन स्थलों पर स्वच्छता, पेयजल, सुरक्षा और प्राथमिक उपचार की पर्याप्त व्यवस्था रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अभियान से जुड़ी सभी गतिविधियों के फोटो और वीडियो समय-सीमा में शासन के पोर्टल पर अपलोड किए जाएं, ताकि कार्यक्रम की मॉनिटरिंग और मूल्यांकन प्रभावी ढंग से किया जा सके।





