सिंगरौली। विद्यार्थियों में कानून के प्रति जागरूकता और पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से सिंगरौली पुलिस द्वारा ‘सृजन संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके तहत सरस्वती विद्यालय विंध्यनगर के विद्यार्थियों को विंध्यनगर थाना तथा शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बैढ़न के विद्यार्थियों को बैढ़न थाने का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
पुलिस और आम नागरिकों के बीच विश्वास की दूरी कम करने तथा नई पीढ़ी को कानून एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से सिंगरौली पुलिस ने ‘सृजन संवाद’ के तहत अनूठी पहल की। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को पुलिस थानों का शैक्षणिक भ्रमण कराकर उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली, जिम्मेदारियों और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की प्रत्यक्ष जानकारी दी गई। पुलिस मुख्यालय मध्यप्रदेश के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक षियाज के.एम. के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक विंध्यनगर हेमंत कुमार के पर्यवेक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत सरस्वती विद्यालय विंध्यनगर के विद्यार्थियों ने विंध्यनगर थाना और शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बैढ़न के विद्यार्थियों ने बैढ़न थाने का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को थाना प्रभारी कक्ष, सीसीटीएनएस कक्ष, प्रधान आरक्षक लेखक कक्ष, हेल्प डेस्क, ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क, मालखाना और बंदीगृह दिखाया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि थाने में शिकायत कैसे दर्ज होती है, पुलिस अभिलेखों का संधारण किस तरह किया जाता है और अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की अलग-अलग शाखाएं किस प्रकार काम करती हैं। विद्यार्थियों को बीट पुलिसिंग और पुलिस अधिकारियों के पद एवं दायित्वों की भी जानकारी दी गई।
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कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति विशेष रूप से सतर्क किया गया। उन्हें बताया गया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें तथा संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई। इसके साथ ही महिला एवं बाल सुरक्षा, छेड़छाड़ और उत्पीड़न जैसी घटनाओं में सहायता प्राप्त करने के तरीकों तथा आपातकालीन पुलिस सहायता नंबर 112 के बारे में बताया गया। थाना भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने पुलिस की दैनिक कार्यप्रणाली और अपराधों की जांच से जुड़े कई सवाल पूछे। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सरल भाषा में उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। साथ ही हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों के पालन का महत्व समझाते हुए उन्हें अनुशासित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।



