सिंगरौली। जिले में औद्योगिक विकास को गति देने और स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए ग्राम इकपई में 10 हेक्टेयर क्षेत्र में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इस क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा।
जिले में औद्योगिक विकास को गति देने, स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी की जा रही है। ग्राम पंचायत उर्ती के अंतर्गत ग्राम इकपई में 10 हेक्टेयर क्षेत्र में एमएसएमई के लिए नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इससे जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इस संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रभारी कलेक्टर संघप्रिय की अध्यक्षता में जिला स्तरीय लघु संवर्धन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, उद्योग स्थापना में आ रही समस्याओं और शासन की विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
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बैठक के दौरान जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक नवीन कुशवाहा ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, मध्यप्रदेश विकास नीति के अंतर्गत एमएसएमई प्रोत्साहन योजना तथा बौद्धिक संपदा अधिकार, निवेश आधारित सहायता एवं निर्यात संबंधी सहायता के प्रावधानों की जानकारी दी। बताया गया कि नवीन औद्योगिक क्षेत्र के विकास से स्थानीय उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। जिले में एमपीआईडीसी के माध्यम से भी औद्योगिक क्षेत्र संचालित किया जा रहा है।
प्रभारी कलेक्टर संघप्रिय ने उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने मोरवा विस्थापन के दौरान स्थानांतरित होने वाली औद्योगिक इकाइयों को एमपीआईडीसी एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के समन्वय से उपयुक्त औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित कराने की कार्यवाही करने को कहा। साथ ही पात्र इकाइयों को एमएसएमई योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बैठक में स्थानीय उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल श्रमिक उपलब्ध कराने के लिए स्किल गैप असेसमेंट कराने और उसके आधार पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इससे स्थानीय युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षित कर रोजगार के अवसरों से जोड़ने में मदद मिलेगी। प्रभारी कलेक्टर ने एमएसएमई योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता शिविर आयोजित करने की आवश्यकता भी बताई। बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों में भारी वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग विकसित करने तथा उद्योगों की इनपुट लागत कम करने के उद्देश्य से न्यूनतम दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के सुझाव भी रखे गए।



