10 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी देखने को मिली। बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ और कई सेक्टरों में भारी बिकवाली दर्ज की गई।
सोमवार के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स करीब 1,352 अंक गिरकर 77,566 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 422 अंक टूटकर लगभग 24,028 के स्तर पर आ गया। बाजार में यह गिरावट लगातार दूसरे सत्र में देखी गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
Also Read
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने बाजार के माहौल को प्रभावित किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में भी दबाव बना हुआ है।
Read Today's E-Magazine
Swipe through the complete digital edition of Urjanchal Tiger right on your screen.
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए चिंता का विषय है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है और कंपनियों की लागत भी बढ़ जाती है। इसी वजह से निवेशकों ने बैंकिंग, आईटी, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली की।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय हालात पर निर्भर करेगी। यदि पश्चिम एशिया का तनाव कम नहीं हुआ और तेल कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।





