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MP Medical Colleges PPP Model : सिंगरौली समेत 9 सरकारी मेडिकल कॉलेज निजी हाथों में? 4000 करोड़ प्रोजेक्ट पर उठे बड़े सवाल

मध्यप्रदेश में 9 सरकारी मेडिकल कॉलेज PPP मॉडल पर देने की तैयारी, सिंगरौली भी शामिल। 4000 करोड़ के प्रोजेक्ट, फैकल्टी और छात्रों के भविष्य पर उठे सवाल।

ब्यूरो कार्यालय

Author | Updated: 20 Sep 2026, 10:25 PM IST | 1 min read
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सिंगरौली/भोपाल, 20 सितम्बर 2026।। मध्यप्रदेश सरकार 9 सरकारी मेडिकल कॉलेजों को PPP (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर देने की तैयारी में है। इस सूची में सिंगरौली, नीमच और श्योपुर जैसे वे कॉलेज भी शामिल हैं, जिन्हें सरकार पिछले दो वर्षों से 100-100 सीटों के साथ संचालित कर रही है। इस फैसले के सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल इन कॉलेजों में कार्यरत फैकल्टी और कर्मचारियों के भविष्य को लेकर खड़ा हो गया है।

किन कॉलेजों को PPP पर देने की तैयारी?

राज्य सरकार द्वारा तैयार सूची में कुल 9 मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। इनमें कुछ कॉलेज केंद्र प्रवर्तित योजना के तहत बने हैं, जबकि कुछ पूरी तरह राज्य सरकार के खर्च से तैयार किए गए हैं।

  • नीमच
  • सिंगरौली
  • श्योपुर
  • मंडला
  • राजगढ़
  • बुदनी
  • छतरपुर
  • दमोह

(संशोधित सूची में देवास की जगह दमोह को शामिल किया गया है)

हर कॉलेज के निर्माण पर औसतन 325 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसके अलावा भवन, मशीनरी और अन्य संसाधनों को मिलाकर प्रति कॉलेज लगभग 500 करोड़ रुपये का निवेश बताया जा रहा है।

4000 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट

सरकार करीब 4000 करोड़ रुपये की लागत वाले इन मेडिकल कॉलेजों को PPP मॉडल पर देने की योजना बना रही है। इसके तहत निजी भागीदार संस्थानों को संचालन की जिम्मेदारी दी जा सकती है।

कैसे तय होगा PPP मॉडल?

इस पूरी प्रक्रिया के लिए पहले एक ट्रांजैक्शन एडवाइजर नियुक्त किया जाएगा, जो तय करेगा:

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  • कॉलेज संचालन का मॉडल
  • निवेश की आवश्यकता
  • सरकार और निजी कंपनी की जिम्मेदारियां
  • निजी पार्टनर के चयन की शर्तें

एडवाइजर को

  • 15 दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट
  • 45 दिन में व्यवहार्यता रिपोर्ट
  • 75 दिन में टेंडर डॉक्यूमेंट तैयार करना होगा

फैकल्टी और स्टाफ का क्या होगा?

  • PPP मॉडल लागू होने के बाद सबसे बड़ी चिंता यह है कि
  • वर्तमान सरकारी फैकल्टी का क्या होगा?
  • क्या उन्हें निजी संस्थान में समायोजित किया जाएगा?
  • या फिर नई नियुक्तियां होंगी?

इसको लेकर अभी तक सरकार की ओर से स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है।

18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भी होंगे शामिल

मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भी PPP मॉडल के तहत दिए जा सकते हैं।

रीवा – 8
देवास – 4
गुना – 6

इन सभी को एक ही प्रोजेक्ट के रूप में शामिल किया गया है।

VGF के जरिए फंडिंग की योजना

सरकार Viability Gap Funding (VGF) के जरिए निजी कंपनियों को आर्थिक सहयोग दे सकती है, क्योंकि कई मेडिकल कॉलेज सीधे तौर पर लाभदायक नहीं माने जा रहे हैं।

सरकार का पक्ष

उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि

PPP मॉडल पहले से स्वीकृत है, अब इसमें कुछ संशोधन कर नीति आयोग के टेंडर दस्तावेज के आधार पर लागू किया जाएगा।

क्यों उठ रहे सवाल?

  • पहले उज्जैन मेडिकल कॉलेज को PPP पर देने का प्रस्ताव विरोध के बाद वापस लेना पड़ा था
  • अब फिर से बड़े स्तर पर PPP मॉडल लागू करने की तैयारी
  • छात्रों, डॉक्टरों और स्थानीय लोगों में चिंता

 

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