सिंगरौली। राज्य सरकार ने नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले भूमिहीन और आवासहीन परिवारों को आवासीय भूमि के पट्टाधिकार देने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है, जो 13 दिसंबर 2025 तक चलने वाला है। इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग और राजस्व विभाग ने संयुक्त दिशानिर्देश जारी किए हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 को मजबूत करने की पहल
सरकार की यह पहल प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के बीएलसी और एएचपी घटकों के सुचारू क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाएगी।
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राज्य सरकार ने 1984 के मध्यप्रदेश नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्ति (पट्टाधिकार) अधिनियम में संशोधन करते हुए पात्रता तिथि को 31 दिसंबर 2020 निर्धारित किया है।
इस तिथि तक सरकारी, नगर निकाय या विकास प्राधिकरण की भूमि पर वास्तविक रूप से काबिज आवासहीन परिवार अब पट्टाधिकार प्राप्त करने के पात्र होंगे।
सिंगरौली निगम ने तेज़ी से शुरू की तैयारी
नगर पालिक निगम सिंगरौली के अध्यक्ष देवेश पाण्डेय ने सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर पट्टा वितरण अभियान को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि
“नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत समस्त पात्र भूमिहीन व्यक्तियों को शीघ्रता से पट्टा वितरण की कार्यवाही कराई जाए। साथ ही सर्वे की प्रक्रिया समय पर पूरी हो, ताकि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप किसी पात्र हितग्राही को लाभ से वंचित न रहना पड़े।”Advertisement
अध्यक्ष पाण्डेय ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि..
- प्रत्येक वार्ड में शिविर आयोजित किए जाएँ।
- पात्र हितग्राहियों की पहचान सुनिश्चित की जाए।
- योजना का लाभ हर योग्य परिवार तक पहुंचाया जाए।
“हर गरीब का पक्का घर” – प्रधानमंत्री की मंशा को पूरा करने का प्रयास
देवेश पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि देश के हर गरीब परिवार का अपना पक्का आवास हो।
उन्होंने कहा कि..
“नगर पालिक निगम सिंगरौली इस परिकल्पना को साकार करने में अपना पूर्ण योगदान देगा।”
अभियान क्यों है महत्वपूर्ण?
- नगरीय क्षेत्रों में हजारों परिवार आवासहीन स्थिति में हैं।
- पट्टाधिकार मिलने के बाद यह परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में आवेदन कर सकेंगे।
- कानूनी अधिकार मिलने के बाद भूमि पर विकास कार्य और निर्माण आसान होगा।




