Urjanchal Tiger
शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 |

No Live TV Stream Available

Please check back later.

Advertisement
Welcome Gift: 2,000 Reward Points

SBI BPCL Credit Card - Best Card for fuel!

बढ़ते तेल कि कीमत पर बचत !
SBI
Apply Now

मानसून सत्र के पहले ही दिन संसद में हंगामा, प्रश्नकाल नहीं चल सका

ब्यूरो कार्यालय

Author | Updated: 26 Jul 2026, 07:13 PM IST | 1 min read
Breaking News
Share:
Advertisement

देश की संसद का मानसून सत्र सोमवार को शुरू हुआ, लेकिन पहले ही दिन सदन में अपेक्षित गंभीर चर्चा की जगह हंगामा देखने को मिला। विपक्ष के विरोध के कारण लोकसभा की कार्यवाही प्रभावित हुई और प्रश्नकाल सुचारु रूप से नहीं चल सका। संसद की कार्यवाही पर पूरे देश की नजर थी, लेकिन शुरुआती घंटों में माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

विपक्ष के हंगामे से बाधित हुई कार्यवाही

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया। नारेबाजी और शोर-शराबे के बीच सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी, जिससे प्रश्नकाल प्रभावित हुआ।

प्रश्नकाल संसद की कार्यवाही का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, जहां सांसद सरकार से सीधे सवाल पूछते हैं और जवाब मांगते हैं। लेकिन हंगामे के कारण यह प्रक्रिया बाधित रही।

लोकसभा अध्यक्ष ने क्यों जताई नाराजगी?

सदन में लगातार हो रहे शोर-शराबे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्ष को संयम बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि संसद का उद्देश्य सार्थक चर्चा और लोकतांत्रिक संवाद है।

अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “संसद सार्थक चर्चा और संवाद के लिए है। नारेबाजी से संसद की मर्यादा नहीं बनती।”

उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप सदन की कार्यवाही में रचनात्मक भागीदारी करें।

Advertisement

क्यों अहम होता है प्रश्नकाल?

प्रश्नकाल वह समय होता है जब सांसद विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगते हैं। इसे सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। ऐसे में प्रश्नकाल का बाधित होना संसदीय कार्यवाही के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।

अब आगे क्या ?

मानसून सत्र के पहले दिन की शुरुआत हंगामे के बीच हुई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा किस तरह आगे बढ़ती है और सदन की कार्यवाही कितनी सुचारु रूप से चल पाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन हंगामा क्यों हुआ?

मानसून सत्र के पहले दिन विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों ने लोकसभा में जोरदार नारेबाजी की। इसी कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई और प्रश्नकाल भी सुचारु रूप से नहीं चल सका।

लोकसभा में प्रश्नकाल क्यों बाधित हुआ?

विपक्ष के लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण प्रश्नकाल निर्धारित समय के अनुसार नहीं चल पाया। इससे सांसदों को सरकार से सवाल पूछने और जवाब लेने की प्रक्रिया प्रभावित हुई।

लोकसभा अध्यक्ष ने हंगामे पर क्या कहा?

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि संसद सार्थक चर्चा, संवाद और लोकतांत्रिक विचार-विमर्श का मंच है। उन्होंने सदस्यों से आग्रह किया कि नारेबाजी के बजाय नियमों के अनुसार अपनी बात रखें, क्योंकि इससे ही संसद की गरिमा बनी रहती है।

क्या हंगामे के बावजूद सदन की कार्यवाही आगे चलेगी?

संसदीय कार्यवाही निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहती है। हालांकि, यदि हंगामा लगातार जारी रहता है तो अध्यक्ष आवश्यकता पड़ने पर सदन की कार्यवाही स्थगित कर सकते हैं।

प्रश्नकाल का संसद में क्या महत्व होता है?

प्रश्नकाल वह समय होता है जब सांसद सरकार से विभिन्न नीतियों, योजनाओं और जनहित के मुद्दों पर सवाल पूछते हैं। इसे संसद की जवाबदेही सुनिश्चित करने वाली सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में माना जाता है।

मानसून सत्र में किन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है?

मानसून सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक और नीतिगत प्रस्ताव पेश कर सकती है। इसके अलावा राष्ट्रीय, आर्थिक और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना रहती है।

Advertisement

Ad किराना दुकान Online Store Demo
Doctor - Mishra Poly Clinic
MISHRA POLY CLINIC
& NURSING HOME
Baliyari Road, Behind Ram Leela Maidan
Waidhan, MP 486886
☎ CALL NOW
📞 06266601178   |   Waidhan, Madhya Pradesh