दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी इलाके में मणिपुर के प्रसिद्ध गिटारिस्ट और संगीत शिक्षक चोंगथम विक्रम सिंह की कथित तौर पर पिटाई के बाद मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब सिंह ने अपने घर के पास हो रहे शोर-शराबे और कथित हंगामे का विरोध किया था। मामले में अब तक सात वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार और एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, घटना 6 सितंबर की देर रात किलोकरी इलाके में हुई। विवाद के बाद कुछ लोगों ने सिंह पर कथित तौर पर हमला किया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बाद की जांच में पुलिस ने आठ संदिग्धों की पहचान की।
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शोर-शराबे का विरोध करने गए थे नीचे
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, सिंह के घर के आसपास कुछ लोग जमा होकर शोर कर रहे थे। बताया गया है कि इनमें डिलीवरी कर्मचारी और नजदीकी ढाबे/रेस्तरां से जुड़े लोग शामिल थे।
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शोर को लेकर हुई बहस धीरे-धीरे विवाद में बदल गई और कथित तौर पर सिंह पर हमला कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर सात वयस्कों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक नाबालिग को भी पकड़ा गया।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सिंह को उनके घर की सीढ़ियों और कॉरिडोर तक पीछा करके पीटे जाने की बात भी सामने आई है। CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है।
पत्नी ने बताई पूरी कहानी
सिंह की पत्नी जोशना चोंगथम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उनके पति शांत स्वभाव के संगीतकार थे।
उनके मुताबिक, 6 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे सिंह नीचे गए थे। कुछ देर बाद वह दौड़ते हुए वापस आए और उनके पीछे कई लोग थे। पत्नी के अनुसार, सिंह को बुरी तरह पीटा गया था और उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही थी।
परिवार उन्हें तत्काल Holy Family Hospital के इमरजेंसी वार्ड में लेकर गया। पत्नी के अनुसार, वहां उनका ब्लड प्रेशर काफी कम पाया गया और अगले दिन सुबह करीब 6 बजे उनकी मौत हो गई।
परिवार ने घटना के बाद मिले समर्थन के लिए लोगों का आभार जताते हुए न्याय की उम्मीद व्यक्त की है।
पुलिस ने क्या कहा?
DCP (South East) विनीत कुमार के मुताबिक, घटना के दौरान सिंह की गली में कुछ लोग जमा थे। शोर-शराबे को लेकर बहस हुई और फिर मामला मारपीट तक पहुंच गया।
पुलिस के अनुसार, कुछ लोगों ने सिंह पर हमला किया और मौके से भाग गए। जांच के बाद आठ लोगों की पहचान की गई, जिनमें सात बालिग और एक नाबालिग शामिल है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों में डिलीवरी बॉय और रेस्तरां/ढाबे में काम करने वाले लोग शामिल हैं। मामले की जांच में CCTV और अन्य साक्ष्यों को भी देखा जा रहा है।
बाद की रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने सभी आठ आरोपियों को पकड़ लिया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कहा है कि पुलिस ने परिवार को मजबूत चार्जशीट दाखिल करने का भरोसा दिया है।
क्या यह नस्लीय हमले का मामला था?
घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या सिंह को उनकी मणिपुरी पहचान के कारण निशाना बनाया गया था। पूर्वोत्तर समुदाय से जुड़े लोगों और राजनीतिक नेताओं ने इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हालांकि, उपलब्ध पुलिस जानकारी के आधार पर फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि हमला नस्लीय कारणों से ही हुआ था। पुलिस जांच में इस पहलू को भी देखा जा रहा है।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
घटना के बाद विपक्षी नेताओं ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था और पूर्वोत्तर राज्यों से आने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने घटना को कानून-व्यवस्था की स्थिति से जोड़ते हुए सरकार की आलोचना की। उन्होंने दिल्ली में अपराध और पूर्वोत्तर के लोगों के साथ भेदभाव का मुद्दा उठाया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी सिंह की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल किया कि दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर के परिवार खुद को सुरक्षित क्यों नहीं महसूस कर रहे हैं और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस क्या कर रही है।
यह राजनीति का समय नहीं – किरेन रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, जो अरुणाचल प्रदेश से सांसद हैं, ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने सभी आठ आरोपियों को पकड़ लिया है और परिवार को कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। रिजिजू ने कहा कि ऐसी त्रासदी के समय तत्काल कार्रवाई और न्याय की बात होनी चाहिए।
मणिपुर संगीत जगत को बड़ा झटका
चोंगथम विक्रम सिंह सिर्फ दिल्ली में संगीत शिक्षक के तौर पर ही नहीं, बल्कि मणिपुरी रॉक संगीत से जुड़े महत्वपूर्ण कलाकार के रूप में भी जाने जाते थे। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने Phoenix और Eastern Dark जैसे बैंड के साथ काम किया था और दिल्ली में लंबे समय से संगीत की शिक्षा दे रहे थे।
उनकी मौत के बाद मणिपुर और दिल्ली के संगीत समुदाय में शोक की लहर है। 9 सितंबर को इम्फाल में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें कलाकारों और सांस्कृतिक जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सबसे बड़े सवाल
इस मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का फोकस घटना की पूरी परिस्थितियों, हमले में प्रत्येक आरोपी की भूमिका और विवाद के वास्तविक कारणों पर है।
इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जांच में नस्लीय भेदभाव या पूर्वोत्तर पहचान को लेकर किसी दुर्भावना का कोई प्रमाण सामने आता है या नहीं। फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्य पेश होने का इंतजार है।





