आज 3 मार्च 2026 को भारत में साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। इस खगोलीय घटना को ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है। जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं, तब चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़ती है और वह लाल रंग का दिखने लगता है।
यह ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शुरू होकर शाम 6:47 बजे तक रहेगा। मौसम साफ रहने पर देश के कई हिस्सों में इसे देखा जा सकेगा। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए यह खास अवसर माना जा रहा है।
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क्यों लाल दिखता है चंद्रमा?
पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान सूर्य की रोशनी सीधे चंद्रमा तक नहीं पहुंचती। पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य की किरणों को मोड़ देता है। लाल रंग की किरणें ज्यादा मुड़ती हैं और चंद्रमा तक पहुंचती हैं। इसी कारण चंद्रमा लाल या तांबे जैसा दिखता है। इसी वजह से इसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।
किन शहरों में दिखेगा चंद्र ग्रहण?

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई शहरों में ग्रहण साफ देखा जा सकता है। दिल्ली, लखनऊ, पटना, भोपाल, जयपुर और वाराणसी समेत कई बड़े शहरों में लोग इसे देख सकेंगे। हालांकि बादल होने की स्थिति में दृश्यता प्रभावित हो सकती है।
क्या है इसका वैज्ञानिक महत्व?
खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार चंद्र ग्रहण पूरी तरह प्राकृतिक घटना है। इसका किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं होता। इस दौरान वैज्ञानिक चंद्रमा की सतह और पृथ्वी के वायुमंडल का अध्ययन करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह इस साल का अंतिम पूर्ण चंद्र ग्रहण है जो भारत में साफ दिखाई देगा। इसलिए यह अवसर खास माना जा रहा है।
क्या सावधानी जरूरी है?
चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित है। इसके लिए किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होती। दूरबीन या टेलीस्कोप से देखने पर दृश्य और भी स्पष्ट दिखाई देता है।
यह खगोलीय घटना न सिर्फ वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आम लोगों के लिए भी एक दुर्लभ दृश्य है। अगर मौसम साथ दे तो आज शाम आसमान की ओर जरूर देखें।




