Urjanchal Tiger
सोमवार, 24 अगस्त 2026 |

No Live TV Stream Available

Please check back later.

Advertisement
Welcome Gift: 2,000 Reward Points

SBI BPCL Credit Card - Best Card for fuel!

बढ़ते तेल कि कीमत पर बचत !
SBI
Apply Now

कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री पर FIR की मांग तेज, भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी ने DGP से की शिकायत

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 21 Jan 2026, 05:57 PM IST | 1 min read
कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री पर FIR की मांग तेज, भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी ने DGP से की शिकायत
Share:
Advertisement

मध्य प्रदेश में धार्मिक मंचों से दिए जा रहे कथित भड़काऊ बयानों को लेकर सियासत गरमा गई है। दलित पिछड़ा समाज संगठन, भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी ने संयुक्त रूप से कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ पुलिस महानिदेशक (DGP) से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। संगठनों ने आरोप लगाया है कि शास्त्री अपने प्रवचनों के माध्यम से समाज में सांप्रदायिक तनाव फैलाने का कार्य कर रहे हैं।

शिकायत के साथ वीडियो क्लिप्स और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे गए हैं, जिनमें कथित तौर पर आपत्तिजनक बयान दर्ज हैं। संगठनों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए।

“धार्मिक मंच से नफरत फैलाना अपराध” – दमदार यादव

आजाद समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता दामोदर यादव ने स्पष्ट कहा कि धार्मिक मंचों का इस्तेमाल समाज को बांटने के लिए नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी धार्मिक नेता जाति या धर्म के नाम पर नफरत फैलाता है, तो उसके खिलाफ FIR दर्ज होना जरूरी है।

New Edition

Read Today's E-Magazine

Swipe through the complete digital edition of Urjanchal Tiger right on your screen.

उन्होंने यह भी ऐलान किया कि इस मुद्दे को लेकर “रिज़ॉल्यूशन मार्च” का आयोजन किया जा रहा है, जो नागपुर से भोपाल तक निकाला जाएगा। इस मार्च का उद्देश्य सामाजिक न्याय की मांग को मजबूती से उठाना और सरकार पर दबाव बनाना है।

Advertisement

29 जनवरी को भोपाल में बड़ा प्रदर्शन

आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के अनुसार, 29 जनवरी 2026 को भोपाल में अंबेडकर प्रतिमा से मुख्यमंत्री निवास तक विशाल मार्च निकाला जाएगा। इस प्रदर्शन के माध्यम से ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने और कथित सांप्रदायिक गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।

संगठनों का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

Advertisement

ADVERTISEMENT
Advertisement