मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश। UP के मुज़फ्फरनगर में कुछ मजदूरों ने आरोप लगाया है कि उन्हें ₹12,000 प्रतिमाह वेतन, दिन में तीन बार चाय और भोजन देने का वादा कर काम पर बुलाया गया था।
हालांकि, पीड़ितों का दावा है कि काम पर पहुंचने के बाद उन्हें कथित रूप से बंधुआ मजदूर की तरह रखा गया और वादा की गई सुविधाएं नहीं दी गईं।
Also Read
Bonded Labour Case : भोजन और मारपीट को लेकर लगाए आरोप
एक पीड़ित मजदूर ने आरोप लगाया कि उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। उसके अनुसार, दिन में केवल एक बार भोजन दिया जाता था, जिसमें नमक के साथ चोकर की रोटी मिलती थी।
Read Today's E-Magazine
Swipe through the complete digital edition of Urjanchal Tiger right on your screen.
In UP’s Muzaffarnagar, at least 12 bonded labourers were freed from a paper plate manufacturing unit. Narrating their ordeal, labourers claimed they were tortured using fan belt whip and spear. Roti made of cattle feed and salt was served in the meal. Rottweiler was stationed as… pic.twitter.com/QQGUZwJRq3
Advertisement— Piyush Rai (@Benarasiyaa) June 23, 2026
मजदूर का यह भी आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और बेल्ट से हमला किया गया, जिससे उसके कान में भी गंभीर चोट आई।
भागने से रोकने के लिए कुत्ते रखने का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि मजदूरों की निगरानी के लिए कुत्ते रखे गए थे ताकि कोई भी वहां से भाग न सके।
उसके अनुसार, जब मालिक किसी शादी समारोह में शामिल होने के लिए बाहर गया, तब उसे वहां से निकलने का मौका मिला और वह किसी तरह भागने में सफल रहा।
प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक इस मामले में पुलिस या जिला प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि प्रशासन या संबंधित पक्ष का बयान प्राप्त होता है, तो समाचार को अपडेट किया जाएगा।





