Urjanchal Tiger
मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 |

No Live TV Stream Available

Please check back later.

Sonam Wangchuk Hunger Strike : ‘गैरकानूनी हिरासत’ का आरोप, अनशन तोड़ने को रखीं तीन शर्तें

सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं। उन्होंने सफदरजंग अस्पताल में गैरकानूनी हिरासत का आरोप भी लगाया। जानिए पूरा मामला और हाई कोर्ट ने क्या कहा।

ब्यूरो कार्यालय

Author | Updated: 24 Jul 2026, 07:13 PM IST | 1 min read
Sonam Wangchuk Hunger Strike
Share:
Advertisement

नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने को लेकर पहली बार स्पष्ट शर्तें सार्वजनिक की हैं। उन्होंने कहा है कि वह तभी अपना अनशन खत्म करेंगे, जब उनकी बताई गई तीन में से कोई एक शर्त पूरी होगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल में “गैरकानूनी हिरासत” में रखा गया है और उनकी आवाजाही व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक लगाई गई है।

सोनम वांगचुक का यह बयान ऐसे समय आया है, जब शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं, नीट परीक्षा में पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर उनका आंदोलन लगातार चर्चा में बना हुआ है।

अस्पताल से जारी किया हस्तलिखित संदेश 

सोमवार सुबह सोनम वांगचुक ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर अस्पताल से एक हस्तलिखित पत्र साझा किया। उन्होंने लिखा कि उनकी भूख हड़ताल का 23वां दिन है और वह 20 जुलाई को केवल विशेष परिस्थितियों में ही अनशन समाप्त करेंगे।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल की विफलताओं, विशेषकर प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार करती है, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे।

ये हैं सोनम वांगचुक की तीन शर्तें क्या है ?

सोनम वांगचुक ने अपने पत्र में तीन स्पष्ट शर्तें रखी हैं..

पहली शर्त : केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था में हुई हालिया विफलताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार करे।

दूसरी शर्त : विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता यह भरोसा दें कि वे इस पूरे मुद्दे को संसद में मजबूती से उठाएंगे।

तीसरी शर्त : यदि स्वास्थ्य कारणों से उनका अनशन जारी रखना संभव नहीं रहता, तो विभिन्न दलों के सांसद अस्पताल आकर शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे को संसद में उठाने का आश्वासन दें।

‘गैरकानूनी हिरासत’ का लगाया आरोप

अपने पत्र के अंत में सोनम वांगचुक ने आरोप लगाया कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल में गैरकानूनी तरीके से रखा गया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी आवाजाही, अभिव्यक्ति और संचार की स्वतंत्रता पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

हालांकि, इन आरोपों पर प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

18 जुलाई को जंतर-मंतर से कौन हटाया गया था ? 

सोनम वांगचुक नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे थे। 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस उन्हें वहां से हटाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। इसके बाद से उनका अनशन अस्पताल में ही जारी है।

हाई कोर्ट ने क्या कहा?

इस बीच, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने उनकी अस्पताल से छुट्टी के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि “हर जीवन मूल्यवान है”, लेकिन अस्पताल से छुट्टी का फैसला मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।

हाई कोर्ट ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार करते हुए सरकार से तीन दिन के भीतर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।

संसद मार्च की भी तैयारी

उधर, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सोमवार को संसद मार्च का आह्वान किया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस मार्च की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में समर्थकों के जुटने की खबर है।

अब सभी की नजर अगले कदम पर

सोनम वांगचुक के ताजा बयान के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार, विपक्ष और संसद सदस्य उनकी मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं। वहीं, हाई कोर्ट की अगली सुनवाई और मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट भी इस पूरे मामले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

Ad
मिश्रा पॉली क्लीनिक एवं नर्सिंग होम
मिश्रा पॉली क्लीनिक एवं नर्सिंग होम
मोतियाबिंद का आधुनिक मशीनों एवं अनुभवी सर्जन द्वारा सुरक्षित ऑपरेशन
डॉ. के. एल. पांडेय MBBS, MS नेत्र रोग विशेषज्ञ
☎ CALL NOW 6266601178
● बलियरी रोड, रामलीला मैदान के पीछे, बैढ़न, जिला-सिंगरौली (म.प्र.) 486886