सिंगरौली। शासकीय भूमि में कथित धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार निलंबित पटवारी राजेश नामदेव शुक्रवार की अलसुबह जिला चिकित्सालय सह ट्रॉमा सेंटर बैढ़न से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और आरोपी की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें सक्रिय कर दी गई हैं।
शासकीय भूमि में हेराफेरी का गंभीर मामला
जानकारी के अनुसार, मोरवा थाना क्षेत्र के कतरिहार गांव में शासकीय भूमि खसरा नंबर 356 में कथित रूप से हेराफेरी कर खसरा नंबर 356/4 (रकबा 4.470 हेक्टेयर) को फर्जी तरीके से निजी व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया गया था।
जांच में आरोप सही पाए जाने पर राजेश नामदेव के खिलाफ वर्ष 2015 में भादवि की धारा 419, 420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया गया था। बाद में इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गईं।
Also Read
जमानत याचिका खारिज, फिर हुई गिरफ्तारी
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने पहले निचली अदालत से राहत ली थी, लेकिन उच्च न्यायालय से उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई। करीब दो महीने से उसकी गिरफ्तारी की मांग की जा रही थी, जिसके बाद एसपी के निर्देश पर पुलिस टीम ने गुरुवार को उसे गिरफ्तार किया।
Read Today's E-Magazine
Swipe through the complete digital edition of Urjanchal Tiger right on your screen.
बीमारी का बहाना बनाकर फरार
बताया जा रहा है कि आरोपी को न्यायालय में पेश करने के दौरान अचानक तबीयत खराब होने की बात कही गई, जिसके बाद उसे जिला चिकित्सालय बैढ़न में भर्ती कराया गया। शुक्रवार की सुबह शौच के बहाने वह टॉयलेट गया और वहीं से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
तलाश में जुटी पुलिस टीमें
घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली और मोरवा पुलिस की टीमें आरोपी की तलाश में जुट गईं। फरार आरोपी के खिलाफ कोतवाली बैढ़न में बीएनएस की धारा 262 के तहत नया मामला दर्ज किया गया है।
लापरवाही पर एएसआई और आरक्षक सस्पेंड
आरोपी की निगरानी में तैनात एएसआई गुलाब प्रसाद बहरोलिया और आरक्षक श्याम सुंदर सिंह को ड्यूटी में लापरवाही के चलते निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में सख्ती का संदेश गया है।
क्या बोले एसपी सियाज के.एम.?
पुलिस अधीक्षक सियाज के.एम. ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश करने लाया गया था, लेकिन वह सुबह पुलिस को झांसा देकर फरार हो गया।
उन्होंने कहा कि आरोपी की तलाश जारी है और ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।





