सिंगरौली जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए MSP पर धान, ज्वार और बाजरा उपार्जन हेतु किसान पंजीयन शुरू हो गया है। जिले में 31 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। किसान 15 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक पंजीयन करा सकते हैं। एग्रीस्टैक फार्मर आईडी अनिवार्य है और खसरा व फसल की जानकारी उसी आधार पर सत्यापित होगी।
सिंगरौली में किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल बेचने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उपायुक्त सहकारिता पी.के. मिश्रा के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए जिले में किसान पंजीयन की प्रक्रिया 15 सितंबर से शुरू कर दी गई है।
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कहां-कहां होंगे पंजीयन?
जिले में कुल 31 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। किसान यहां के अलावा
- सहकारी समिति केंद्र
- एमपी ऑनलाइन कियोस्क
- कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
- लोक सेवा केंद्र
के माध्यम से भी अपना पंजीयन करा सकते हैं।
इन तारीख को याद रखे
- पंजीयन प्रारंभ: 15 सितंबर 2026
- अंतिम तिथि: 10 अक्टूबर 2026
पंजीयन के लिए जरूरी बातें
- एग्रीस्टैक फार्मर आईडी अनिवार्य
- खसरा, रकबा और बोई गई फसल की जानकारी एग्रीस्टैक से ली जाएगी
- उसी आधार पर पंजीयन पूरा होगा
इसलिए किसानों को पहले से अपनी जानकारी एग्रीस्टैक में अपडेट करना जरूरी है।
सिकमी और बटाईदार किसानों के लिए भी सुविधा
प्रशासन ने सिकमी (लीज) और बटाईदार किसानों के लिए भी पंजीयन की व्यवस्था की है।
- निर्धारित प्रारूप में अनुबंध तैयार करना होगा
- अनुबंध की कॉपी पंजीयन केंद्र पर जमा करनी होगी
- इसे ई-उपार्जन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा
क्यों जरूरी है पंजीयन?
MSP पर फसल बेचने के लिए पंजीयन अनिवार्य है। इससे किसानों को
- उचित मूल्य मिलता है
- सरकारी खरीदी का लाभ मिलता है
- भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी रहती है




