सिंगरौली, 18 सितम्बर 2026: प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना ग्रामीण परिवारों के लिए अब सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि उनके जीवन में सुरक्षा और सम्मान का आधार बनती जा रही है। सिंगरौली जिले में आयोजित स्वामित्व अधिकार शिविरों के माध्यम से वर्षों से अपने घरों में रह रहे परिवारों को अब उनकी जमीन का कानूनी हक मिल रहा है।
चित्रकोट कोल परिवार को मिला अधिकार
बरगवां तहसील के ग्राम बेतहाडांड निवासी चित्रकोट कोल और उनकी पत्नी शिवरानी कोल को 194 वर्गमीटर के आवासीय भूखंड का अधिकार अभिलेख प्रदान किया गया।
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यह वही जमीन है, जहां उनका परिवार वर्षों से रह रहा था, लेकिन अब पहली बार उन्हें इस पर वैधानिक मालिकाना हक मिला है।
सिर्फ कागज नहीं, सुरक्षा की भावना
यह अधिकार पत्र उनके लिए सिर्फ एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि
- अपने घर पर कानूनी अधिकार
- भविष्य के प्रति भरोसा
- जमीन पर स्थायी सुरक्षा
अब वे अपनी जमीन पर नियमों के अनुसार निर्माण और अन्य कार्य भी कर सकेंगे।
ड्रोन सर्वे से तैयार हुआ रिकॉर्ड
स्वामित्व योजना के तहत
- गांव की आबादी का ड्रोन मैपिंग से सर्वे किया गया
- डिजिटल नक्शा तैयार हुआ
- पात्र हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख दिए गए
चित्रकोट कोल को खसरा/ब्लॉक प्लॉट क्रमांक 349 (ठ)-7 (प) का अधिकार पत्र प्रदान किया गया।
डिजिटल प्रक्रिया से आसान पंजीयन
पूरी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए
- संपदा पोर्टल के माध्यम से पंजीयन
- ई-स्टाम्प और आधार सत्यापन
- पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन
खास बात: यह सुविधा हितग्राहियों को निःशुल्क दी गई।
आर्थिक रूप से भी मिलेगा लाभ
अधिकार अभिलेख मिलने के बाद
- जमीन को आर्थिक संपत्ति के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे
- बैंकिंग सुविधाओं का रास्ता खुलेगा
- भविष्य में लोन जैसी सुविधाएं मिलने की संभावना बढ़ेगी
जिले में जारी है अभियान
जिले में 17 सितम्बर से स्वामित्व अधिकार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से
- पात्र परिवारों को अधिकार पत्र दिए जा रहे हैं
- लंबित मामलों को तय समय में पूरा किया जा रहा है




