सिंगरौली। जिले में आमजन की सुरक्षा, शांति और लोक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने दो आदतन अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट गौरव बैनल ने थाना विंध्यनगर और नवानगर क्षेत्र से जुड़े दो आरोपियों को मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 (क) एवं (ख) के तहत एक वर्ष की अवधि के लिए जिलाबदर करने का आदेश जारी किया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सिंगरौली द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर की गई है। आदेश 12 अगस्त 2026 की शाम 5 बजे से प्रभावी हो गया है।
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गोविन्दा बर्मा पर 16 मामले दर्ज
जिला बदर किए गए आरोपियों में गोविन्दा बर्मा (25), पिता रामकृपाल बर्मा, निवासी ग्राम बनौली, थाना विंध्यनगर शामिल है।
पुलिस प्रतिवेदन के अनुसार, उसके खिलाफ थाना विंध्यनगर और नवानगर में कुल 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी, रंगदारी यानी अवैध वसूली और अवैध हथियार रखने से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं।
प्रशासन के अनुसार, उसके खिलाफ लगातार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई किए जाने के बावजूद उसकी आपराधिक गतिविधियों में अपेक्षित सुधार नहीं आया। इसी आधार पर जिला बदर की कार्रवाई की गई।
शारदा प्रसाद साहू पर 14 आपराधिक प्रकरण
दूसरे आरोपी शारदा प्रसाद साहू (41), पिता स्वर्गीय भुआल दास साहू, निवासी ग्राम अमझर, थाना नवानगर के खिलाफ भी जिलाबदर का आदेश जारी किया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ वर्ष 2017 से लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। उसके विरुद्ध विभिन्न थानों में 14 आपराधिक प्रकरण दर्ज बताए गए हैं।
इनमें चोरी, नकबजनी, मारपीट, आर्म्स एक्ट, एससी/एसटी एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और आबकारी एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं।
प्रशासन के अनुसार, आरोपी के भय और आतंक के कारण क्षेत्र के लोगों में असुरक्षा की भावना बनी हुई थी।
24 घंटे के भीतर जिले से बाहर जाना होगा
जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के मुताबिक दोनों निष्कासित व्यक्तियों को आदेश प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर सिंगरौली जिले की सभी सीमाओं से बाहर जाना होगा।
जिलाबदर की एक वर्ष की अवधि के दौरान दोनों को अपने निवास स्थान की जानकारी हर महीने लिखित रूप में संबंधित थाना प्रभारी को डाक के माध्यम से भेजनी होगी।
कोर्ट में पेशी के लिए मिल सकेगी अनुमति
यदि दोनों में से किसी के खिलाफ सिंगरौली जिले के किसी दांडिक न्यायालय में मामला विचाराधीन है, तो वह निर्धारित तारीख पर न्यायालय में पेश हो सकता है।
इसके लिए जिले में प्रवेश करने से पहले संबंधित थाना प्रभारी को लिखित सूचना देना जरूरी होगा। न्यायालय की पेशी पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्ति को तत्काल जिले की सीमा से बाहर जाना होगा।
आदेश का उल्लंघन किया तो होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिलाबदर आदेश का उल्लंघन करने या सक्षम आदेश के बिना सिंगरौली जिले की सीमा में प्रवेश करने पर मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 14 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में कानून-व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।





