दमोह। रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के सर्रा रेंज अंतर्गत दूधिया गांव में एक मां ने अदम्य साहस दिखाते हुए खूंखार सियार से भिड़कर अपनी छह माह की मासूम बेटी की जान बचा ली। घटना में मां सपना (29) और बच्ची प्रियंका गंभीर रूप से घायल हो गईं।
मां की ममता और साहस की ऐसी मिसाल सामने आई है, जहां अपनी छह माह की मासूम बेटी को मौत के मुंह से निकालने के लिए एक मां खूंखार सियार से भिड़ गई। रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के सर्रा रेंज अंतर्गत दूधिया गांव में हुई इस घटना ने हर किसी को झकझोर दिया है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी सुनील पारदी सुबह करीब 5 बजे घर से बाहर गए थे। इसी दौरान दरवाजा खुला रह गया, जिसका फायदा उठाकर एक सियार घर में घुस आया और सो रही छह माह की मासूम प्रियंका को अपने जबड़े में दबाकर ले जाने लगा। बच्ची की चीख सुनकर पास में सो रही उसकी मां सपना (29) की नींद खुल गई। बेटी को सियार के कब्जे में देखकर वह बिना अपनी जान की परवाह किए उससे भिड़ गई।
Also Read
सियार ने बच्ची को छोड़ने के बजाय मां पर भी हमला कर दिया। संघर्ष के दौरान सपना के शरीर पर पंजों और दांतों से कई गंभीर घाव हो गए, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। आखिरकार मां के अदम्य साहस के सामने सियार को पीछे हटना पड़ा और वह बच्ची को छोड़कर भाग गया। इस तरह सपना ने अपनी छह माह की बेटी को बचा लिया, हालांकि इस संघर्ष में मां और बेटी दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजनों ने तत्काल दोनों को तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम सीजी गोस्वामी और वन विभाग के अधिकारी अस्पताल पहुंचे तथा घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। सर्रा रेंज के रेंजर संजीव रंजन ने बताया कि वन विभाग द्वारा घटना की जानकारी जुटाई जा रही है और नियमानुसार राहत एवं मुआवजे का प्रकरण तैयार किया जा रहा है। एसडीएम ने भी बेहतर उपचार के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है।



