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इंदौर मेट्रो को मिली निर्माण की रफ्तार, एक दिन में 11 रिंग स्थापित कर रचा इतिहास

Om Prakash Shah

Author | Updated: 05 Nov 2026, 09:23 AM IST | 1 min read
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इंदौर। इंदौर में मेट्रो विस्तार का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बुधवार को एयरपोर्ट रोड स्थित निर्माणाधीन अंडरग्राउंड मेट्रो टनल में पहुंचे और जमीन से करीब 20 मीटर नीचे चल रहे निर्माण कार्य का जायजा लिया।

इंदौर में मेट्रो परियोजना के विस्तार को लेकर भूमिगत सुरंग निर्माण का काम तेजी से जारी है। बुधवार को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एयरपोर्ट रोड स्थित निर्माणाधीन अंडरग्राउंड मेट्रो टनल का दौरा कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और इंजीनियरों से तकनीकी व्यवस्थाओं एवं कार्य की रफ्तार की जानकारी ली। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि टनल निर्माण में सामान्य तौर पर प्रतिदिन 8 से 9 कंक्रीट रिंग स्थापित की जाती हैं, लेकिन निर्माण टीम ने एक दिन में 11 रिंग लगाकर रिकॉर्ड कायम किया है। उन्होंने इसे इंजीनियरों और श्रमिकों की मेहनत तथा आधुनिक तकनीक का परिणाम बताया। मंत्री ने निर्माण कार्य में जुटे कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं भी दीं और मिठाई खिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट स्टेशन से लगभग 20 मीटर की गहराई में टनल बनाई जा रही है और अब तक करीब 90 मीटर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अत्याधुनिक मशीनों की मदद से काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, हालांकि पूरी टनल परियोजना को पूर्ण होने में अभी लगभग दो साल का समय लग सकता है। टनल निर्माण के लिए ‘नर्मदा’ नामक अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) का इस्तेमाल किया जा रहा है। मशीन का कटिंग व्हील 6.65 मीटर व्यास का है और इसकी कुल लंबाई करीब 102 मीटर है। यह मशीन जमीन के भीतर खुदाई करने के साथ-साथ आगे बढ़ते हुए प्री-कास्ट कंक्रीट रिंग भी स्थापित करती जाती है। इससे सुरंग को मजबूती मिलती है।
निर्माण कार्य में गैस मॉनिटरिंग सिस्टम, आपातकालीन वन-सेकेंड स्टॉप और कंट्रोल रूम से निगरानी जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं भी की गई हैं। मंत्री ने टनल के जनरल मैनेजर राजपूत एवं इंजीनियरों के साथ बैठक कर कार्य की समीक्षा की। इस परियोजना के पूरा होने के बाद इंदौर में मेट्रो का भूमिगत नेटवर्क विस्तार पाएगा और सड़क के ऊपर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

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