Urjanchal Tiger
सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 |

No Live TV Stream Available

Please check back later.

Gold-Silver Price Crash : सोना 50,000 सस्ता, चांदी में बड़ी गिरावट, अक्षय तृतीया से पहले खरीदें या रुकें?

वैश्विक तनाव और महंगाई के बीच सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट क्यों आई? जानिए अक्षय तृतीया 2026 से पहले निवेश करना कितना सही है।

ब्यूरो कार्यालय

Author | Updated: 14 Apr 2026, 01:39 PM IST | 1 min read
Gold-Silver Price Crash : सोना 50,000 सस्ता, चांदी में बड़ी गिरावट, अक्षय तृतीया से पहले खरीदें या रुकें?
Share:
Advertisement

आमतौर पर जब वैश्विक स्तर पर युद्ध, महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी देखने को मिलती है। लेकिन इस बार स्थिति इसके उलट है। अमेरिका-ईरान तनाव, बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक अस्थिरता के बावजूद सोना और चांदी अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी ने हाल ही में 4,39,337 रुपये प्रति किलोग्राम का ऑल टाइम हाई बनाया था, जबकि वर्तमान में यह करीब 2,38,720 रुपये पर ट्रेड कर रही है। यानी इसमें लगभग 2 लाख रुपये की गिरावट दर्ज की गई है, जो 20 प्रतिशत से अधिक है। वहीं सोना 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर से गिरकर करीब 1,51,801 रुपये पर आ गया है, यानी लगभग 51,000 रुपये की कमी।

सोमवार को भी बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सोना एक दिन में करीब 1,000 रुपये तक गिरा, जबकि चांदी में लगभग 5,000 रुपये की गिरावट आई, हालांकि बाद में हल्की रिकवरी हुई।

Gold-Silver Price Crash : सोना 50,000 सस्ता, चांदी में बड़ी गिरावट, अक्षय तृतीया से पहले खरीदें या रुकें?

ब्याज दरें बनी गिरावट की सबसे बड़ी वजह

विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट का मुख्य कारण ब्याज दरें हैं। सोना कोई ब्याज या लाभांश नहीं देता। जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो निवेशक फिक्स्ड डिपॉजिट या बॉन्ड जैसे साधनों में पैसा लगाना पसंद करते हैं, जिससे सोने की मांग कम हो जाती है।
अमेरिका में महंगाई दर, खासकर ऊर्जा कीमतों के कारण, अपेक्षा से अधिक बनी हुई है। मार्च के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में भी इसका असर देखा गया। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व के लिए ब्याज दरों में कटौती करना मुश्किल हो गया है। यही कारण है कि सोने-चांदी पर दबाव बना हुआ है।

चांदी पर ज्यादा असर क्यों?

चांदी पर गिरावट ज्यादा इसलिए दिख रही है क्योंकि इसका उपयोग केवल निवेश के रूप में ही नहीं, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों जैसे सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहन में भी होता है। वैश्विक आर्थिक सुस्ती की आशंका से औद्योगिक मांग कमजोर पड़ रही है, जिससे चांदी की कीमतों पर अधिक दबाव है।

Advertisement

तेल की कीमत और भू-राजनीतिक तनाव

ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल और WTI 105 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। खाड़ी क्षेत्र में होरमुज जलडमरूमध्य को लेकर संभावित तनाव और इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष ने बाजार को अस्थिर बना दिया है। यदि तेल की कीमत 110 डॉलर से ऊपर जाती है, तो महंगाई और बढ़ेगी और सोने पर और दबाव आ सकता है।

Gold-Silver Price Crash : सोना 50,000 सस्ता, चांदी में बड़ी गिरावट, अक्षय तृतीया से पहले खरीदें या रुकें?

अक्षय तृतीया पर खरीदें या इंतजार करें?

19 अप्रैल को आने वाली अक्षय तृतीया को देखते हुए निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या अभी खरीदारी करनी चाहिए। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एकमुश्त निवेश से बचें और चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करें।

यदि आप पारंपरिक कारणों जैसे शादी या दीर्घकालिक बचत के लिए सोना खरीद रहे हैं, तो वर्तमान कीमतें पहले के मुकाबले अधिक अनुकूल हैं। लेकिन अल्पकालिक मुनाफे के उद्देश्य से निवेश करने वालों को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि बाजार में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।

आगे क्या रहेगा फोकस?

आने वाले दिनों में भारत और अमेरिका के महंगाई आंकड़े, अमेरिकी हाउसिंग डेटा और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय करेंगी। इसके अलावा अमेरिका-ईरान संबंधों में कोई भी बड़ा घटनाक्रम सोने-चांदी की कीमतों में तेज बदलाव ला सकता है।

Ad
मिश्रा पॉली क्लीनिक एवं नर्सिंग होम
मिश्रा पॉली क्लीनिक एवं नर्सिंग होम
मोतियाबिंद का आधुनिक मशीनों एवं अनुभवी सर्जन द्वारा सुरक्षित ऑपरेशन
डॉ. के. एल. पांडेय MBBS, MS नेत्र रोग विशेषज्ञ
☎ CALL NOW 6266601178
● बलियरी रोड, रामलीला मैदान के पीछे, बैढ़न, जिला-सिंगरौली (म.प्र.) 486886