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🌱 एक बगिया मां के नाम : नारी सशक्तिकरण और पर्यावरण का संगम

ब्यूरो कार्यालय

Author | Updated: 04 Sep 2025, 07:12 AM IST | 1 min read
ek bagiya maan ke naam : naaree sashaktikaran aur paryaavaran ka sanga
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सिंगरौली, 4 सितम्बर 2025। मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं की आर्थिक उन्नति के लिए लगातार नई योजनाएं शुरू कर रही है। इन्हीं प्रयासों में “एक बगिया मां के नाम परियोजना” भी शामिल है। इस योजना की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत की।

इस परियोजना के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं अपनी निजी जमीन पर फलदार पौधे लगा रही हैं। यह योजना महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण का भी कार्य कर रही है।

🌳 सिंगरौली बना अग्रणी जिला

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र सिंह नागेश के मार्गदर्शन में यह अभियान सिंगरौली में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

  • अब तक 670 महिलाओं को स्वीकृति मिल चुकी है।
  • लक्ष्य केवल 300 महिलाओं का था, लेकिन पंजीयन कहीं ज्यादा हुआ।
  • महिलाओं ने 43 हजार से अधिक फलदार पौधे लगाने की तैयारी की है।

सिंगरौली इस योजना में प्रदेश का पहला जिला बना है। खंडवा दूसरे स्थान पर है।

💧 महिलाओं को मिल रही सुविधाएं

योजना के अंतर्गत महिलाओं को पौधों की सुरक्षा और देखभाल के लिए आर्थिक मदद दी जा रही है।

  • कटीले तार की बाड़बंदी
  • पौधे खरीदने और खाद
  • गड्ढे खोदने
  • 50 हजार लीटर क्षमता वाला जलकुंड

इन सभी सुविधाओं से महिलाएं बगिया का रख-रखाव आसानी से कर पा रही हैं।

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📲 ऐप और ड्रोन तकनीक का उपयोग

  • महिलाओं का चयन विशेष “एक बगिया मां के नाम ऐप” से किया गया है।
  • यह ऐप मनरेगा परिषद ने एमपीएसईडी के माध्यम से बनाया है।
  • पौधरोपण की मॉनिटरिंग मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड ड्रोन की मदद से करेगी।
  • इससे जमीन, पौधों और गड्ढों की स्थिति की सटीक जानकारी मिलेगी।

👩‍🌾 महिलाओं की आर्थिक प्रगति

  • फलदार बगिया महिलाओं को लंबे समय तक आय का साधन प्रदान करेगी।
  • ये पौधे आने वाले वर्षों में उनके परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बनेंगे।
  • परियोजना से जुड़ी महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं।