Oscar winner संगीतकार AR Rahman के हालिया बयान के बाद बॉलीवुड में एक नई बहस छिड़ गई है। रहमान ने एक इंटरव्यू में संकेत दिया था कि पिछले कुछ वर्षों में उन्हें हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से कम काम मिलने के पीछे “शायद कोई साम्प्रदायिक कारण” हो सकता है। इस बयान पर अब अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
जहां कंगना रनौत इसे वैचारिक भेदभाव से जोड़ रही हैं, वहीं शान और जावेद अख्तर जैसे वरिष्ठ कलाकार इसे पूरी तरह खारिज कर रहे हैं।
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फिलहाल यह विवाद थमता नजर नहीं आ रहा और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
कंगना रनौत ने कहा – “रहमान से ज्यादा पूर्वाग्रही कोई नहीं”
कंगना रनौत ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए ए.आर. रहमान पर सीधा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि उन्होंने अपनी फिल्म ‘इमरजेंसी’ के लिए रहमान से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने न केवल मिलने से इनकार किया बल्कि फिल्म को “प्रोपेगेंडा फिल्म” कहकर दूरी बना ली।
कंगना ने लिखा,
“मैं एक राष्ट्रवादी विचारधारा का समर्थन करती हूं, इसलिए मुझे इंडस्ट्री में भेदभाव झेलना पड़ता है। लेकिन जितना पूर्वाग्रह और नफरत मैंने ए.आर. रहमान में देखी, उतनी किसी में नहीं।”
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उन्होंने आगे कहा कि इमरजेंसी को तमाम आलोचकों और विपक्षी नेताओं तक ने सराहा, इसके बावजूद रहमान ने बिना देखे ही फिल्म को नकार दिया।
AR Rahman का क्या था बयान?
BBC नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में ए.आर. रहमान ने कहा था कि बीते 8 वर्षों में बॉलीवुड में पावर डायनेमिक्स बदले हैं और कई बार उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से यह महसूस हुआ कि उन्हें काम से दूर रखा जा रहा है।
उन्होंने कहा,
“कई बार मुझे ‘चाइनीज व्हिस्पर’ के जरिए पता चलता है कि मुझे अप्रोच किया गया था, लेकिन बाद में किसी और को काम दे दिया गया। शायद इसमें कोई साम्प्रदायिक एंगल भी हो सकता है।”
हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह इस स्थिति को लेकर परेशान नहीं हैं और परिवार के साथ समय बिताना पसंद करते हैं।
शबाना नहीं, शान और जावेद अख्तर ने दी प्रतिक्रिया
गायिका शान ने रहमान के बयान से असहमति जताते हुए कहा कि संगीत इंडस्ट्री में काम मिलना या न मिलना व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है, न कि धर्म पर।
“मैं खुद कई बार कम काम करता हूं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई साजिश है। संगीत में केवल टैलेंट चलता है।”
वहीं गीतकार जावेद अख्तर ने भी साफ कहा कि उन्होंने कभी बॉलीवुड में साम्प्रदायिक भेदभाव महसूस नहीं किया।
“रहमान इतने बड़े नाम हैं कि छोटे निर्माता भी उनसे मिलने से डरते हैं। मुझे नहीं लगता कि यहां कोई सांप्रदायिक एंगल है।”




