मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा दतिया में आयोजित एक सभा के दौरान अपने पुराने बेबाक अंदाज में नजर आए। विधानसभा टिकट कटने के बाद पहली बार उन्होंने सार्वजनिक मंच से राजनीतिक घटनाक्रम, पुलिस प्रशासन और अपने समर्थकों को लेकर खुलकर बात की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वे “भूलने वाले प्राणी नहीं हैं” और दोस्ती व दुश्मनी दोनों को याद रखते हैं।
पुलिस प्रशासन पर साधा निशाना
सभा के दौरान डॉ. मिश्रा ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका पूरा बयान रिकॉर्ड हो रहा है और पुलिस विभाग, विशेषकर पुलिस अधीक्षक (एसपी), इसे ध्यान से सुनें।
उन्होंने आरोप लगाया कि चक्काजाम समाप्त कराना प्रशासन की जिम्मेदारी हो सकती है, लेकिन कार्यकर्ताओं के कार्यालय की इमारत पर आंसू गैस के गोले दागना उचित नहीं था।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि निर्दोष कार्यकर्ताओं पर बल प्रयोग और उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज करना उन्हें स्वीकार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस घटना को भूले नहीं हैं और 3 अगस्त तक इंतजार कर रहे हैं।
Narottam Mishra is in vegenance mode during BJP campaign in Datia by-polls.
“Why was tear gas lobbed at office? Mr SP, I am not a forgetful being. I will remember it..” pic.twitter.com/0rk15w31kr
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) July 16, 2026
टिकट विवाद पर भी रखी अपनी बात
अपने संबोधन में डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने विधानसभा टिकट कटने के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ लोग आशुतोष को टिकट कटने का जिम्मेदार मान रहे हैं, लेकिन उनकी राय इससे अलग है।
उन्होंने कहा,
“आशुतोष की इतनी क्षमता नहीं है कि वे टिकट कटवा सकें। टिकट काटने वाला कोई और है और वहां तक पहुंचने की क्षमता तुम लोगों में नहीं है, वहां हम स्वयं बात करेंगे।”
हालांकि उन्होंने कार्यकर्ताओं से स्पष्ट रूप से कहा कि वे भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ कोई कदम न उठाएं और दतिया में पार्टी को मजबूत बनाए रखें।
कार्यकर्ताओं के प्रति जताया भरोसा
सभा के दौरान डॉ. मिश्रा भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का प्रेम किसी भी राजनीतिक पद से अधिक महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा,
“इस प्यार के सामने विधायकी क्या मायने रखती है? मध्य प्रदेश में 230 विधायक हो सकते हैं, लेकिन चर्चा में आज भी नरोत्तम मिश्रा है।”
उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे दतिया छोड़कर कहीं नहीं जा रहे हैं और जीवनभर क्षेत्र के लोगों के साथ खड़े रहेंगे।
“मोगरी” का उदाहरण देकर बढ़ाया कार्यकर्ताओं का मनोबल
अपने संबोधन के दौरान डॉ. मिश्रा ने स्थानीय कहावत का उल्लेख करते हुए कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा,
“मोगरी केकई दूबर हो जाए, लेकिन बम फोड़ने लायक तो बनी रहती है।”
इस उदाहरण के माध्यम से उन्होंने संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने और पूरी ताकत से आशुतोष के समर्थन में काम करने की अपील की।

