Bank of Baroda ने ₹5,700 करोड़ में किया सेटलमेंट, क्या है पूरा मामला? जानिए आसान भाषा में

Bank of Baroda ने UAE की NMC Health से जुड़े कानूनी विवाद में ₹5,700 करोड़ का सेटलमेंट किया। जानिए पूरा मामला, बैंक ने पैसे क्यों दिए, क्या ग्राहकों पर असर पड़ेगा और शेयर क्यों गिरे?

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 06 Jul 2026, 05:46 PM IST | 1 min read
Bank of Baroda ने ₹5,700 करोड़ में किया सेटलमेंट,
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देश के प्रमुख सरकारी बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की हेल्थकेयर कंपनी NMC Health से जुड़े वर्षों पुराने कानूनी विवाद को सेटल करने के लिए करीब 600 मिलियन डॉलर (लगभग ₹5,700 करोड़) दिया है। इस खबर के बाद बैंक के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि बैंक ने साफ़ किया है कि उसने किसी भी प्रकार की गलती या कानूनी सहयोग में कोई कमी नहीं की है।

आखिर क्या है NMC Health का मामला?

NMC Health कभी UAE की सबसे बड़ी निजी हेल्थकेयर कंपनियों में गिनी जाती थी। इसकी स्थापना भारतीय मूल के कारोबारी बी.आर. शेट्टी ने की थी।

  • कंपनी के पास सैकड़ों अस्पताल और मेडिकल सेंटर थे।
  • 2012 में यह लंदन स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हुई।
  • कुछ वर्षों में कंपनी का बाजार मूल्य करीब 10 अरब डॉलर तक पहुंच गया।

लेकिन वर्ष 2019 के अंत में कंपनी पर बड़े वित्तीय अनियमितताओं के होने का आरोप लगने लगा।

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कैसे सामने आया विवाद ?

एक रिसर्च रिपोर्ट में दावा किया गया कि NMC Health ने अपनी बैलेंस शीट में अरबों डॉलर का कर्ज छिपाया था।जो बाद में जांच हुई तो सामने आया।

  • कई लोन सही तरीके से दर्ज नहीं किए गए।
  • बैंक गारंटी और वित्तीय लेन-देन में गंभीर अनियमितताएं थीं।
  • कंपनी अंततः दिवालिया हो गई।

इसके बाद अदालत ने कंपनी के मामलों को संभालने के लिए संयुक्त प्रशासक (Joint Administrators) नियुक्त किए।

Bank of Baroda पर क्या आरोप लगे?

जांच के दौरान Bank of Baroda की अबू धाबी शाखा के कुछ लेन-देन की भी जांच हुई।संयुक्त प्रशासकों ने आरोप लगाया कि

  • कुछ ट्रांजैक्शन में पर्याप्त Due Diligence नहीं की गई।
  • KYC और Anti-Money Laundering (AML) नियमों के पालन पर सवाल उठाए गए।
  • कथित तौर पर कुछ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन संभव हो सके।

हालांकि बैंक ने शुरुआत से इन सभी आरोपों से इनकार किया।

फिर ₹5,700 करोड़ क्यों दिए?

यही सबसे बड़ा सवाल है।

बैंक ने अदालत में अपनी गलती स्वीकार नहीं की।

इसके बजाय उसने Out-of-Court Settlement का रास्ता चुना।

ऐसे मामलों में

  • वर्षों तक मुकदमा चल सकता है।
  • कानूनी खर्च बहुत अधिक होता है।
  • अदालत का फैसला किस पक्ष में आएगा, इसकी कोई गारंटी नहीं होती।

इसी जोखिम को देखते हुए बैंक ने लगभग 600 मिलियन डॉलर (करीब ₹5,700 करोड़) देकर विवाद ख़त्म करने पर समझौता हुई।

क्या बैंक ने अपनी गलती मान ली?

नहीं।

समझौते के दस्तावेजों के अनुसार

  • बैंक ने किसी प्रकार की गलती स्वीकार नहीं की।
  • किसी भी कानूनी जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं किया।
  • केवल लंबे कानूनी विवाद और संभावित जोखिमों से बचने के लिए समझौता किया।

शेयर बाजार पर क्या असर पड़ा?

समझौते की खबर के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई।

  • Bank of Baroda का शेयर करीब 4% तक फिसल गया।
  • बाजार को आशंका रही कि एकमुश्त भुगतान का असर बैंक के मुनाफे पर पड़ सकता है।

हालांकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि लंबी अवधि में यह फैसला सकारात्मक भी साबित हो सकता है क्योंकि बैंक एक बड़े अंतरराष्ट्रीय कानूनी विवाद से बाहर निकल आया है।

क्या ग्राहकों को चिंता करने की जरूरत है?

फिलहाल नहीं।

यह मामला

  • ग्राहकों की जमा राशि से जुड़ा नहीं है।
  • बैंकिंग सेवाओं पर तत्काल कोई असर नहीं डालता।
  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की निगरानी में बैंक सामान्य रूप से काम करता रहेगा।

इसलिए ग्राहकों के पैसे पर फिलहाल किसी तत्काल खतरे की बात सामने नहीं आई है।

आगे क्या होगा?

अब निवेशकों की नजर बैंक की आगामी वित्तीय रिपोर्ट पर रहेगी। देखना दिल्चष्प होगा कि इस भुगतान का मुनाफे पर कितना असर पड़ता है। बैलेंस शीट कितनी प्रभावित होती है।निवेशकों का भरोसा कितना मजबूत रहता है।

FAQ

Bank of Baroda ने ₹5,700 करोड़ क्यों दिए ?

UAE की NMC Health से जुड़े लंबे कानूनी विवाद को समाप्त करने के लिए बैंक ने Out-of-Court Settlement किया।

क्या बैंक ने अपनी गलती स्वीकार की ?

नहीं। बैंक ने कहा है कि उसने किसी भी प्रकार की कानूनी जिम्मेदारी या गलती स्वीकार नहीं की।

क्या ग्राहकों के पैसे पर असर पड़ेगा ?

फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है। यह मामला बैंक के अंतरराष्ट्रीय कानूनी विवाद से जुड़ा है।

शेयर क्यों गिरे ?

इतनी बड़ी राशि के भुगतान से बैंक के मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका के कारण निवेशकों ने प्रतिक्रिया दी।

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