भारतीय पारंपरिक परिधानों की बात हो और नीता अंबानी का नाम न आए, ऐसा शायद ही कभी हो। वह केवल फैशन आइकन ही नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध हस्तकरघा और बुनाई परंपरा की एक मजबूत प्रतिनिधि भी बन चुकी हैं। हर सार्वजनिक कार्यक्रम में उनकी साड़ी सिर्फ एक परिधान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कला और शिल्प की कहानी बयां करती है।
हाल ही में अमेरिका के फ्लोरिडा में आयोजित AAPI Humanitarian Award समारोह में भी उन्होंने ऐसा ही एक खास अंदाज पेश किया, जिसने फैशन जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
रॉयल पर्पल कांचीपुरम सिल्क साड़ी बनी आकर्षण का केंद्र
इस खास अवसर पर नीता अंबानी ने स्वदेश इंडिया की रॉयल पर्पल रंग की कांचीपुरम सिल्क साड़ी पहनी। यह साड़ी दक्षिण भारत की पारंपरिक बुनाई और तंजावुर कला से प्रेरित डिज़ाइन का बेहतरीन उदाहरण है।
साड़ी में शुद्ध सोने की ज़री का इस्तेमाल किया गया था। इसके पूरे हिस्से पर मोर (मयिल) और चक्रम (पहिया) जैसे पारंपरिक मोटिफ बेहद खूबसूरती से बुने गए थे। गुलाबी और हरे रंग का कंट्रास्ट बॉर्डर इसे और भी आकर्षक बना रहा था।
सदियों पुरानी कोरवाई तकनीक की झलक
इस साड़ी की सबसे खास बात इसकी कोरवाई बुनाई तकनीक है। यह कांचीपुरम की पारंपरिक हैंडलूम तकनीक है, जिसमें साड़ी के बॉडी और बॉर्डर को अलग-अलग रंगों में बेहद बारीकी से जोड़ा जाता है।
राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित मास्टर बुनकर बी. कृष्णमूर्ति ने इस साड़ी को हाथों से तैयार किया। इसमें हाथ से बनाए गए दो सिर वाले तोते के पारंपरिक डिज़ाइन भी शामिल किए गए, जो दक्षिण भारतीय मंदिर कला से प्रेरित हैं।
मनीष मल्होत्रा के ब्लाउज़ ने बढ़ाई शाही खूबसूरती
नीता अंबानी के इस लुक को मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा द्वारा डिजाइन किए गए ब्लाउज़ ने और खास बना दिया।
चौड़ी बोट नेकलाइन और तंजावुर कला से प्रेरित डिटेलिंग वाला ब्लाउज़ साड़ी के साथ बेहद शानदार दिखाई दिया। पारंपरिक और मॉडर्न डिज़ाइन का यह संतुलन पूरे लुक को एक अलग पहचान दे रहा था।
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ज्वेलरी में दिखी सादगी और शाही अंदाज
नीता अंबानी ने अपने लुक को भारी लेकिन संतुलित ज्वेलरी के साथ पूरा किया। उन्होंने पहन रखे थे
- डायमंड स्टड ईयररिंग्स
- हरे रत्नों से जड़ा स्टेटमेंट नेकलेस
- डायमंड बैंगल
- स्टेटमेंट रिंग
मेकअप भी बेहद सॉफ्ट रखा गया। काजल लगी आंखें, हल्का गुलाबी लिप कलर, साइड-पार्टेड खुले कर्ल और माथे पर लाल बिंदी ने उनके पारंपरिक भारतीय लुक को और निखार दिया।
फैशन नहीं, भारतीय विरासत का संदेश
नीता अंबानी लंबे समय से भारत के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक बुनाई और हस्तकरघा कला को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने का काम कर रही हैं।
चाहे बनारसी सिल्क हो, जामदानी, पटोला, कांचीपुरम या फिर महीन मलमल, उनकी हर साड़ी किसी न किसी भारतीय शिल्पकार की मेहनत और विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करती है।
इसी उद्देश्य से उन्होंने 2023 में ‘स्वदेश इंडिया’ पहल की शुरुआत की थी, जिसका लक्ष्य भारत के पारंपरिक हस्तशिल्प और बुनकरों को वैश्विक पहचान दिलाना है।
नीता अंबानी का यह लुक क्यों खास है ?
नीता अंबानी का यह लुक केवल फैशन ट्रेंड नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कारीगरी और “Vocal for Local” की भावना का प्रतीक बनकर सामने आया। यह साबित करता है कि भारतीय पारंपरिक परिधान आज भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर लग्ज़री फैशन की पहचान बन सकते हैं।





















