Safe Click 2.0 अभियान के तहत Singrauli SP शियाज़ के.एम. ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा का दिया मंत्र, बोले, “फ्री में कुछ भी नहीं मिलता”

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 03 Jul 2026, 05:54 PM IST | 1 min read
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सिंगरौली।मध्यप्रदेश सरकार द्वारा संचालित Safe Click 2.0 Cyber Awareness Campaign के अंतर्गत सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सिंगरौली श्री शियाज़ के.एम. (IPS) ने विद्यार्थियों से संवाद कर डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

यह अभियान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रदेशभर में संचालित किया जा रहा है।

“फ्री में कुछ भी नहीं मिलता” – SP शियाज़ के.एम.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों से पूछा कि कितने बच्चे सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं। इसके बाद उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का सही उपयोग लाभदायक है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों का खतरा भी जुड़ा है।

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उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा का पहला मंत्र देते हुए कहा

“फ्री में कुछ भी नहीं मिलता।”

उन्होंने बताया कि मुफ्त गिफ्ट, फ्री गेम, डबल पैसा, फ्री मूवी डाउनलोड, ऑनलाइन जॉब और सस्ते सामान के नाम पर भेजे जाने वाले लिंक साइबर ठगों के सबसे बड़े हथियार हैं।

डॉक्टर को घर बैठे कमाई का झांसा देकर हुई ठगी 

SP शियाज़ के.एम. ने विद्यार्थियों को कई वास्तविक घटनाओं का उदाहरण देते हुए बताया कि आज डॉक्टर, शिक्षक, व्यवसायी और पढ़े-लिखे लोग भी साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि एक डॉक्टर को घर बैठे कमाई का झांसा देकर पहले लाभ दिखाया गया, लेकिन बाद में उसकी रकम रोक दी गई और संपर्क समाप्त कर दिया गया।

डिजिटल अरेस्ट और Fake Police Call से रहें सावधान

कार्यक्रम में Digital Arrest, Fake Police Call, OTP Fraud, QR Code Scam, Telegram Investment Fraud, Fake Trading Apps और Deepfake Video जैसे साइबर अपराधों की जानकारी भी दी गई।

पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा

कोई भी पुलिस अधिकारी फोन या वीडियो कॉल पर पैसे की मांग नहीं करता।

यदि कोई व्यक्ति पुलिस, CBI या अन्य एजेंसी बनकर डराए, तो घबराने की बजाय तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

विद्यार्थियों के सवालों का दिया सरल जवाब

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे।

एक छात्र ने पूछा कि यदि कोई वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करे तो क्या करें?

इस पर पुलिस अधीक्षक ने कहा

डरें नहीं, चुप न रहें। तुरंत माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को जानकारी दें।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी लोगों के डर और शर्म का फायदा उठाते हैं।

Safe Click 2.0 अभियान के तहत दिए गए महत्वपूर्ण सुरक्षा सुझाव

पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि

  • किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
  • OTP, Password, ATM PIN और UPI PIN किसी से साझा न करें।
  • फर्जी Customer Care नंबर से सावधान रहें।
  • अनजान मोबाइल ऐप डाउनलोड करने से बचें।
  • Telegram और WhatsApp पर मिलने वाले निवेश के ऑफर पर भरोसा न करें।
  • किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें।

विद्यार्थियों ने ली साइबर सुरक्षा की शपथ

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई।

बच्चों ने संकल्प लिया कि

  • किसी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करेंगे।
  • OTP और पासवर्ड साझा नहीं करेंगे।
  • ऑनलाइन लालच में नहीं आएंगे।
  • साइबर अपराध की जानकारी तुरंत पुलिस को देंगे।
  • अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी Safe Click 2.0 का संदेश देंगे।

सिंगरौली पुलिस की अपील

सिंगरौली पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का सामना हो तो घबराएं नहीं और तुरंत—

पर शिकायत दर्ज कराएं।

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