अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान ने जोरदार जवाब दिया है। ईरान ने इजरायल और दुबई पर 400 मिसाइलें दागीं। मिडिल ईस्ट में युद्ध की आग तेज हो गई है। इससे भारत की तेल सप्लाई पर गहरा संकट मंडरा रहा है। देश की 50 प्रतिशत कच्चे तेल की जरूरत ईरान जैसे देशों से पूरी होती है।
1 मार्च 2026 की ताजा अपडेट्स के मुताबिक, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी है। यह जलमार्ग दुनिया के 20 प्रतिशत तेल का रास्ता है। अगर यह बंद हुआ, तो भारत को वैकल्पिक रास्ते ढूंढने पड़ेंगे। तेल के दामों में 30-40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे पेट्रोल-डीजल महंगे होंगे।
भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर साफ दिख रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी के दामों में उछाल आएगा। वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने से निवेशक सुरक्षित संपत्ति की ओर रुख करेंगे। महंगाई की दर 7 प्रतिशत से ऊपर चढ़ सकती है। खाद्य तेल और अन्य आयातित सामान भी महंगे हो जाएंगे।
सरकार ने तत्काल कदम उठाए हैं। गल्फ देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए यात्रा सलाह जारी की गई है। कश्मीरी छात्रों की सुरक्षित वापसी की मांग तेज हो गई है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने विशेष उड़ानें मंगवाई हैं। एयर इंडिया ने मिडिल ईस्ट जाने वाली 12 उड़ानें रद्द कर दी हैं।

विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। दूतावास सक्रिय हैं।” तेल मंत्रालय वैकल्पिक स्रोतों पर काम कर रहा है। रूस और अमेरिका से अतिरिक्त सप्लाई की बात चल रही है। लेकिन लंबे समय तक यह समाधान नहीं बनेगा।
यह संघर्ष वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला रहा है। ब्रेंट क्रूड का भाव 90 डॉलर प्रति बैरल पार कर गया। भारत जैसे आयातक देशों के लिए चुनौती बढ़ गई है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि सोने में निवेश करें। अर्थशास्त्री आगाह कर रहे हैं कि महंगाई नियंत्रण मुश्किल होगा।
हालिया अपडेट के मुताबिक, ईरान ने मिसाइल हमलों में 15 इजरायली सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की। इजरायल ने जवाबी कार्रवाई में तेहरान के पास तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में शांति प्रस्ताव का समर्थन किया। तेल कंपनियों ने स्टॉक बढ़ाने शुरू कर दिए हैं।











