Kala Hiran : The Battle for Legacy के मेकर्स को क़ानूनी नोटिस !

‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ की रिलीज से पहले शुरू हुआ यह कानूनी विवाद आने वाले दिनों में और गहरा सकता है। एक ओर सलमान खान की टीम फिल्म को उनकी छवि और अधिकारों के खिलाफ बता रही है, वहीं निर्माता इसे बिश्नोई समुदाय के संघर्ष पर आधारित फिल्म बता रहे हैं। अब फिल्म की रिलीज और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Neeraj Sahu

Author | Updated: 02 Jun 2026, 06:43 PM IST | 1 min read
Kala Hiran : The Battle for Legacy
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बॉलीवुड अभिनेता Salman Khan से जुड़े 1998 के चर्चित काला हिरण शिकार मामले पर आधारित बताई जा रही फिल्म ‘Kala Hiran: The Battle for Legacy’ कानूनी विवाद में फंस गई है।

सलमान खान की कानूनी टीम ने फिल्म के निर्माताओं को नोटिस भेजकर फिल्म और उसके प्रचार अभियान पर आपत्ति जताई है। नोटिस में कहा गया है कि फिल्म अभिनेता की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है और उनके व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) का उल्लंघन करती है।

पोस्टर में दिखा सलमान जैसा किरदार

फिल्म का पहला पोस्टर 29 मई को जारी किया गया था। पोस्टर में एक व्यक्ति को बंदूक पकड़े हुए दिखाया गया है, जिसकी शक्ल-सूरत और स्टाइल सलमान खान से मिलती-जुलती बताई जा रही है।

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पोस्टर में अभिनेता के चर्चित फ़िरोज़ा ब्रेसलेट जैसी वस्तु भी दिखाई गई है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर फिल्म को सीधे सलमान खान से जोड़कर देखा जाने लगा।

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फिल्म का ट्रेलर 20 जून को रिलीज किए जाने की घोषणा की गई है, जबकि फिल्म की रिलीज डेट अभी घोषित नहीं की गई है।

क्या है फिल्म की कहानी?

निर्देशक Bharat S Shrinate और निर्माता Amit Jani की यह फिल्म कथित तौर पर 1998 के काला हिरण शिकार मामले और उससे जुड़े घटनाक्रमों से प्रेरित बताई जा रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म में सलमान खान और गैंगस्टर Lawrence Bishnoi से जुड़े विवादों और बिश्नोई समुदाय के संघर्ष को भी दर्शाया गया है।

फिल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश के संभल, मुरादाबाद और अन्य स्थानों पर की गई है।

1998 का काला हिरण शिकार मामला क्या था?

वर्ष 1998 में फिल्म Hum Saath-Saath Hain की शूटिंग के दौरान राजस्थान के जोधपुर जिले के कांकाणी गांव में दो काले हिरणों के शिकार का मामला सामने आया था।

इस मामले में सलमान खान पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए थे। बिश्नोई समुदाय, जो काले हिरण को पवित्र मानता है और वन्यजीव संरक्षण के लिए जाना जाता है, ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी।

मामले में सलमान खान के साथ Saif Ali Khan, Sonali Bendre, Neelam Kothari और Tabu के नाम भी सामने आए थे।

कोर्ट का फैसला और कानूनी स्थिति

करीब 20 साल बाद अप्रैल 2018 में जोधपुर की एक ट्रायल कोर्ट ने सलमान खान को दोषी ठहराते हुए पांच साल की सजा सुनाई थी। हालांकि अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया था।

बाद में जोधपुर सेशंस कोर्ट ने सलमान खान को जमानत दे दी थी। मामले से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया विभिन्न स्तरों पर जारी रही।

निर्माता अमित जानी का जवाब

फिल्म के निर्माता अमित जानी ने सलमान खान की टीम द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस की जानकारी सार्वजनिक की है।

उन्होंने दावा किया कि फिल्म किसी व्यक्ति विशेष की जीवनी (बायोपिक) नहीं है और इसका उद्देश्य न तो सलमान खान की छवि को महिमामंडित करना है और न ही उसे नुकसान पहुंचाना।

अमित जानी के अनुसार फिल्म मुख्य रूप से बिश्नोई समुदाय के संघर्ष और न्याय की लड़ाई पर केंद्रित है।

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