सिंगरौली में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने पर तीन स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। सीएमएचओ ने एक दिन का वेतन और मानदेय काटते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया।
सिंगरौली में शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले तीन स्वास्थ्यकर्मियों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। औचक निरीक्षण में बिना अनुमति अनुपस्थित पाए जाने पर एक चिकित्सा अधिकारी और दो नर्सिंग अधिकारियों का एक दिन का वेतन एवं मानदेय काटा गया है। साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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शहरी स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर प्रशासन सख्त
सिंगरौली, 13 जून 2026। शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. पुष्पराज सिंह ठाकुर के निर्देश पर अनुपस्थित पाए गए तीन स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
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औचक निरीक्षण में अनुपस्थित मिले अधिकारी-कर्मचारी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के जिला कार्यक्रम प्रबंधक द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक ढोंटी के चिकित्सा अधिकारी डॉ. फयाज अहमद तथा वहीं पदस्थ नर्सिंग अफसर सुश्री जेबा सिद्धीकी बिना किसी पूर्व अनुमति के अनुपस्थित पाए गए।
इसके अलावा यूपीएचसी नवजीवन विहार की नर्सिंग अफसर सुश्री राजमती कुशवाहा भी अपने कार्यस्थल से अनुपस्थित मिलीं।
एक दिन का वेतन और मानदेय काटा गया
सीएमएचओ ने इन कर्मचारियों की अनुपस्थिति को शासकीय कार्यों के प्रति गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल प्रभाव से एक दिन का वेतन एवं मानदेय काटने के आदेश जारी किए हैं।
कलेक्टर की समीक्षा बैठक के बाद हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई 6 जून 2026 को कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक के बाद की गई है। बैठक में शहरी क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह बनाने और आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
कारण बताओ नोटिस जारी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा तीनों संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो कार्य दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया या भविष्य में पुनः ऐसी लापरवाही पाई गई, तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध एकपक्षीय और कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।



