SIP बंद करके पहले होम लोन चुकाएं या निवेश जारी रखें? जानिए क्या कहते हैं वित्तीय विशेषज्ञ

कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि यदि उनके ऊपर होम लोन चल रहा है और साथ ही वे SIP (Systematic Investment Plan) में निवेश कर रहे हैं, तो क्या उन्हें SIP रोककर पहले लोन चुकाना चाहिए?

नौशाबा अंजुम

Author | Updated: 16 Jun 2026, 08:21 PM IST | 1 min read
SIP बंद करके पहले होम लोन चुकाएं या निवेश जारी रखें? जानिए क्या कहते हैं वित्तीय विशेषज्ञ
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होम लोन और SIP के बीच संतुलन बनाना आज कई निवेशकों के सामने एक बड़ी चुनौती है। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, SIP बंद करके लोन चुकाना या निवेश जारी रखना पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके लोन की लागत कितनी है और निवेश से मिलने वाला संभावित रिटर्न कितना है। सही निर्णय के लिए लोन ब्याज दर, निवेश रिटर्न और आपातकालीन फंड जैसे कारकों पर ध्यान देना जरूरी है।

SIP या होम लोन: पहले क्या करें?

कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि यदि उनके ऊपर होम लोन चल रहा है और साथ ही वे SIP (Systematic Investment Plan) में निवेश कर रहे हैं, तो क्या उन्हें SIP रोककर पहले लोन चुकाना चाहिए?

वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि इसका कोई एक जैसा जवाब नहीं है। निर्णय लेने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपके लोन की वास्तविक लागत क्या है और आपके निवेश से कितनी विश्वसनीय कमाई हो सकती है।

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ऊंचे ब्याज वाले कर्ज को प्राथमिकता देना बेहतर

मान लीजिए 28 वर्षीय रवि के ऊपर ₹2 लाख का क्रेडिट कार्ड कर्ज है, जिस पर लगभग 40% वार्षिक ब्याज लग रहा है।

इस स्थिति में यह कर्ज हर महीने लगभग ₹6,667 की अतिरिक्त लागत पैदा करता है और ब्याज भी लगातार बढ़ता रहता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कोई भी सामान्य निवेश विकल्प लगातार 40% का सुनिश्चित रिटर्न नहीं दे सकता। ऐसे में SIP को कुछ समय के लिए रोककर पहले कर्ज चुकाना अधिक समझदारी भरा कदम हो सकता है। उच्च ब्याज दर वाले कर्ज को पहले समाप्त करें और उसके बाद निवेश दोबारा शुरू करें।

कम ब्याज वाले होम लोन के साथ SIP जारी रखना फायदेमंद हो सकता है

32 वर्षीय प्रिया के पास ₹40 लाख का होम लोन है, जिसकी ब्याज दर 8.5% है। साथ ही वह नियमित रूप से SIP में निवेश कर रही हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, होम लोन का प्री-पेमेंट करने पर उन्हें 8.5% का सुनिश्चित लाभ मिलेगा। दूसरी ओर, भारतीय इक्विटी बाजार ने ऐतिहासिक रूप से लगभग 12% वार्षिक रिटर्न दिया है।

इसके अलावा, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) पर मिलने वाली कर छूट और होम लोन पर उपलब्ध टैक्स डिडक्शन उनके लिए वास्तविक लोन लागत को और कम कर सकते हैं। यदि निवेश से संभावित रिटर्न लोन ब्याज दर से अधिक है, तो SIP जारी रखते हुए नियमित EMI का भुगतान करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

वित्तीय निर्णय का सरल नियम

विशेषज्ञों द्वारा दिया गया एक सामान्य नियम इस प्रकार है:

  • यदि Loan Cost > Reliable Return, तो पहले कर्ज चुकाएं।
  • यदि Loan Cost < Reliable Return, तो निवेश जारी रखें।

यह नियम निवेशकों को अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम क्षमता के अनुसार निर्णय लेने में मदद करता है।

पहले बनाएं इमरजेंसी फंड

किसी भी निवेश या लोन प्री-पेमेंट की योजना से पहले कम से कम 3 से 6 महीने के खर्च के बराबर एक इमरजेंसी फंड तैयार रखना जरूरी माना जाता है। अचानक नौकरी जाने, स्वास्थ्य संकट या अन्य अप्रत्याशित परिस्थितियों में यह फंड वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है।

मानसिक शांति भी एक महत्वपूर्ण पहलू

विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि केवल गणितीय गणना ही निर्णय का आधार नहीं होनी चाहिए।

यदि किसी व्यक्ति को कर्ज-मुक्त होने से मानसिक शांति और सुरक्षा का अनुभव होता है, तो वह अतिरिक्त प्री-पेमेंट का विकल्प चुन सकता है। वित्तीय निर्णयों में व्यक्तिगत प्राथमिकताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

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