मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में एक शिक्षिका की शिकायत ने गंभीर अपराध का मामला सामने ला दिया है। जियावन थाना क्षेत्र की रहने वाली शिक्षिका ने एक युवक पर नजदीकियां बढ़ाने के बाद उसे बंधक बनाने, मारपीट करने और दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है।
पीड़िता का आरोप है कि घटना के दौरान आरोपी ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बना लिए। इसके बाद इन्हीं तस्वीरों और वीडियो को दिखाकर उसे लगातार धमकाया गया और पैसों की मांग की गई।
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मामले में पुलिस ने 29 वर्षीय राजेश कुमार साहू के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जिला जेल भेज दिया गया।
पहले नजदीकियां, फिर गंभीर आरोप
पीड़िता ने पुलिस को दी लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि आरोपी ने पहले उसके साथ नजदीकियां बढ़ाईं। इसके बाद कथित तौर पर उसके साथ जबरदस्ती की गई और उसे बंधक बनाकर शारीरिक शोषण किया गया।
महिला का आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने उसके फोटो और वीडियो बना लिए। बाद में इन्हीं सामग्री का इस्तेमाल उसे डराने और ब्लैकमेल करने के लिए किया गया।
मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ गई क्योंकि पीड़िता के मुताबिक ब्लैकमेलिंग का सिलसिला यहीं नहीं रुका और उससे कथित तौर पर लाखों रुपये की मांग की गई।
शादी तय होने के बाद सामने आया कथित वीडियो
शिकायत में महिला ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उसके मुताबिक उसकी शादी कहीं और तय हो गई थी। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर उसके फोटो और वीडियो ससुराल पक्ष के लोगों को दिखा दिए।
इसके बाद उसकी शादी टूट गई।
शादी टूटने के बाद भी आरोपी द्वारा कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग और पैसों की मांग जारी रखने का आरोप है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 78(2), 64(1), 64(2)(m), 115(2), 127(2) के साथ आईटी एक्ट की धारा 66(E) और 67 के तहत मामला दर्ज किया है।
इन धाराओं के तहत पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट के बाद भेजा गया जेल
एसडीओपी देवसर गायत्री तिवारी के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उससे पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। इसके बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जिला जेल भेज दिया गया।
हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों की अंतिम कानूनी पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
ब्लैकमेलिंग के मामलों में डिजिटल सबूत अहम
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि निजी तस्वीरों और वीडियो का दुरुपयोग किस तरह किसी व्यक्ति के जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
ऐसे मामलों में चैट, कॉल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल फाइलें जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती हैं। पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर घटना की पूरी कड़ी को सामने लाने की कोशिश करती है।
Frequently Asked Questions
सिंगरौली शिक्षिका मामले में क्या आरोप लगाए गए हैं?
पीड़िता ने एक युवक पर उसे बंधक बनाने, मारपीट करने, दुष्कर्म करने तथा फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए हैं।
आरोपी पर कौन-कौन सी धाराओं में मामला दर्ज हुआ है?
पुलिस के अनुसार BNS की धारा 78(2), 64(1), 64(2)(m), 115(2), 127(2) और आईटी एक्ट की धारा 66(E), 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है।




