Singrauli News: स्पेशल ब्रांच में पदस्थ प्रधान आरक्षक राकेश गंगले की आत्महत्या, सुसाइड नोट के आधार पर जांच जारी

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 11 Aug 2026, 06:40 AM IST | 1 min read
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सिंगरौली। जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस विभाग से जुड़ी एक दुखद घटना सामने आई है। स्पेशल ब्रांच में पदस्थ प्रधान आरक्षक राकेश गंगले (35) ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह मूल रूप से खरगोन जिले के रहने वाले थे और पिछले कुछ वर्षों से सिंगरौली में स्पेशल ब्रांच में पदस्थ थे।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस के अनुसार, मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और जांच जारी है।

गृह जिले में ट्रांसफर के लिए दिए थे आवेदन

पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, राकेश गंगले ने अपने गृह जिले में स्थानांतरण के लिए कई बार आवेदन किए थे। बताया जा रहा है कि ट्रांसफर नहीं होने को लेकर वह मानसिक तनाव में थे।

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हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटना के पीछे के कारणों को लेकर अभी जांच जारी है। किसी एक वजह को अंतिम कारण मानने से पहले पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

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मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी

घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारी की मौजूदगी में आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया।

पुलिस ने घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दे दी है। परिजनों के सिंगरौली पहुंचने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी किए जाने की बात पुलिस ने कही है।

सुसाइड नोट मिलने की बात, पुलिस जांच में जुटी

CSP ललित बैरागी ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है और उसमें लिखी बातों के आधार पर मामले की आगे जांच की जा रही है।

पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं, परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

पुलिसकर्मियों के मानसिक तनाव पर भी सवाल

राकेश गंगले की मौत ने पुलिस विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्य संबंधी तनाव को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

पुलिसकर्मी अक्सर लंबी ड्यूटी, कार्य का दबाव, परिवार से दूरी और स्थानांतरण जैसी परिस्थितियों का सामना करते हैं। ऐसे मामलों में समय पर संवाद और कर्मचारियों की समस्याओं की सुनवाई महत्वपूर्ण हो जाती है।

फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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