फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों की अनदेखी दिखे तो ऐसे करें शिकायत, जानिए पूरा तरीका

‘श्रम प्रहरी’ पहल के तहत नागरिक असुरक्षित फैक्ट्री या निर्माण कार्य की सूचना दे सकेंगे। शिकायत का सत्यापन कर 10 कार्य दिवस में कार्रवाई का प्रावधान है।

UTN Hindi ।। Digital Team

Author | Updated: 09 Aug 2026, 07:33 PM IST | 1 min read
Shram Prahari, Singrauli News
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सिंगरौली। औद्योगिक और निर्माण गतिविधियों के बढ़ते विस्तार के बीच श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शासन ने ‘श्रम प्रहरी’ पहल शुरू की है। इस व्यवस्था के तहत अब आम नागरिक भी अपने आसपास संचालित फैक्ट्रियों, उद्योगों और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की सूचना श्रम विभाग को दे सकेंगे।

इस पहल का उद्देश्य केवल नियम तोड़ने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जनभागीदारी के जरिए श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।

जियो-टैग से मिल सकेगी प्रतिष्ठानों की जानकारी

‘श्रम प्रहरी’ पहल के तहत पंजीकृत MAH (Major Accident Hazard) प्रतिष्ठानों, फैक्ट्रियों और निर्माण कार्यों की जियो-टैग जानकारी सार्वजनिक की गई है। इससे नागरिक अपने क्षेत्र में संचालित औद्योगिक और निर्माण गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

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यदि किसी नागरिक को कोई ऐसा प्रतिष्ठान दिखाई देता है, जो बिना पंजीयन संचालित हो रहा है या जहां श्रमिकों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, तो इसकी सूचना श्रम विभाग को दी जा सकती है।

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टोल फ्री नंबर पर करें शिकायत

श्रमिक सुरक्षा से जुड़ी सूचना या शिकायत देने के लिए नागरिक टोल फ्री नंबर 1800-233-8888 पर संपर्क कर सकते हैं।

इसके अलावा commlab@nic.in ई-मेल के जरिए भी शिकायत या सूचना भेजी जा सकती है।

प्राप्त शिकायतों का संबंधित विभाग द्वारा सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद वैधानिक प्रावधानों के तहत 10 कार्य दिवस के भीतर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का प्रावधान बताया गया है।

शिकायतकर्ता की पहचान रहेगी गोपनीय

‘श्रम प्रहरी’ पहल की एक महत्वपूर्ण विशेषता शिकायतकर्ता की पहचान की गोपनीयता है। प्रशासन के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अपनी पहचान गोपनीय रखने का अनुरोध करता है तो उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी

इस व्यवस्था से नागरिक बिना किसी दबाव या डर के श्रमिक सुरक्षा से जुड़े मामलों की जानकारी विभाग तक पहुंचा सकेंगे।

असुरक्षित निर्माण और फैक्ट्री पर रहेगी नजर

औद्योगिक इकाइयों और निर्माण स्थलों पर श्रमिकों को मशीनरी, ऊंचाई, बिजली, रसायनों और अन्य जोखिमों के बीच काम करना पड़ता है। ऐसे में सुरक्षा उपकरणों और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन बेहद जरूरी है।

‘श्रम प्रहरी’ के जरिए शासन का प्रयास है कि श्रमिक सुरक्षा केवल सरकारी निरीक्षण तक सीमित न रहे, बल्कि स्थानीय नागरिक भी सुरक्षा निगरानी व्यवस्था का हिस्सा बनें।

कैंप और संवाद कार्यक्रमों से होगा प्रचार

जिला प्रशासन की ओर से नागरिकों से ‘श्रम प्रहरी’ पहल में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है। इसके प्रचार-प्रसार के लिए मासिक कैंप, शिविर और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी बढ़ने से ऐसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों और निर्माण स्थलों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जहां श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।

नागरिकों के लिए जरूरी जानकारी

शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर: 1800-233-8888
ई-मेल: commlab@nic.in
कार्रवाई का प्रावधान: सत्यापन के बाद 10 कार्य दिवस के भीतर
पहचान: अनुरोध करने पर शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखने का प्रावधान

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