सिंगरौली, प्रतिनिधि। जिले के चितरंगी विकासखंड अंतर्गत एक शासकीय विद्यालय में पदस्थ सहायक शिक्षिका को गंभीर आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है। शिक्षिका पर आरोप है कि वह विद्यालय परिसर में नशे की हालत में रहती थीं और कक्षा को ही अपने रहने का स्थान बना लिया था। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब शिक्षिका का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और ग्रामीणों ने भी इसकी शिकायत की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर जांच दल का गठन किया गया।
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जांच दल ने 29 जुलाई 2026 को विद्यालय पहुंचकर ग्रामीणों, विद्यालय स्टाफ और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। जांच में यह पाया गया कि शिक्षिका पिछले कई महीनों से विद्यालय भवन के एक कक्ष में रह रही थीं। साथ ही, उनके नियमित रूप से नशे की हालत में विद्यालय आने की बात भी सामने आई, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा था।
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जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि विद्यालय के कक्ष का निजी आवास के रूप में उपयोग करना और बिना अनुमति परिसर में रहना गंभीर अनुशासनहीनता है। इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही और विभागीय नियमों का उल्लंघन माना गया।
शिक्षा विभाग ने प्रथम दृष्टया आरोपों को सही मानते हुए सहायक शिक्षिका को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय देवसर निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। विभाग का कहना है कि स्कूलों में अनुशासन और शिक्षण व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।



