असम सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 75,000 परिवारों को अंतरिम राहत की पहली किस्त जारी कर दी है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को डिब्रूगढ़ से राहत वितरण की शुरुआत की।
अधिकारियों के अनुसार, राज्य में बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 87 हो गई है। रविवार को शिवसागर जिले में तीन और लोगों की मौत दर्ज की गई। हालांकि राहत की बात यह है कि प्रभावित लोगों की संख्या घटकर करीब 1.35 लाख रह गई है।
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हर परिवार को कुल 75 हजार रुपये की सहायता
सरकार ने बताया कि शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में जिन परिवारों के घर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें राहत पैकेज के तहत कुल 75,000 रुपये दिए जाएंगे।
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पहली किस्त के रूप में लगभग 15,000 रुपये प्रति परिवार उनके खातों में भेजे गए हैं। शेष राशि चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिलों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की और प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
इन जिलों में सबसे ज्यादा असर
बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं
- शिवसागर
- चराइदेव
- जोरहाट
- गोलाघाट
- धेमाजी
इन पांच जिलों में लगभग 1,36,200 लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं।
सबसे अधिक प्रभावित शिवसागर जिला है, जहां 55,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद चराइदेव में करीब 40,000 और जोरहाट में 22,000 लोग प्रभावित हैं।

54 राहत शिविरों में रह रहे हजारों लोग
प्रशासन की ओर से पांच जिलों में 54 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
इन शिविरों में फिलहाल 13,771 लोगों को भोजन, आश्रय और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
15 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि जलमग्न
बाढ़ का असर खेती पर भी पड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 15,422 हेक्टेयर कृषि भूमि अभी भी जलमग्न है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
धनसिरी नदी खतरे के निशान से ऊपर
गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ क्षेत्र में धनसिरी नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।



