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Shardiya Navratri 2025 : घट स्थापना से शुरू हुआ पावन पर्व, जानें पूजा के शुभ मुहूर्त और तिथियां

Rakesh Kumar Vishwakarma

Author | Updated: 22 Sep 2025, 02:50 PM IST | 1 min read
Shardiya Navratri 2025 : घट स्थापना से शुरू हुआ पावन पर्व, जानें पूजा के शुभ मुहूर्त और तिथियां
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Shardiya Navratri 2025 । शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व आज से शुरू हो गया है। इन नौ दिनों तक मां दुर्गा पृथ्वी लोक में निवास करती हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं। हर ओर श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिल रहा है।

शारदीय नवरात्रि 2025 आज से शुरू हो गई है। घट स्थापना, अभिजीत मुहूर्त और नौ दिनों की पूजा तिथियां जानें। माँ दुर्गा के आगमन से भक्तिमय हुआ वातावरण।

घट स्थापना से हुआ शुभारंभ

नवरात्र महोत्सव की शुरुआत घट स्थापना से होती है। आज सुबह 6 बजकर 9 मिनट से 8 बजकर 6 मिनट तक घट स्थापना का विशेष समय रहा। यह अवधि 1 घंटा 56 मिनट की रही। मान्यता है कि इस समय कलश स्थापना करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

अभिजीत मुहूर्त में भी कर सकते हैं स्थापना

जो लोग सुबह घट स्थापना नहीं कर पाए, उनके लिए दूसरा शुभ समय भी है। पंचांग के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त आज सुबह 11 बजे से 11 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। इस समय भी कलश स्थापना करना शुभ माना गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह समय दिन का सबसे शक्तिशाली समय होता है।

क्या होता है अभिजीत मुहूर्त?

अभिजीत मुहूर्त को दिन का सबसे शुभ समय कहा जाता है। यह समय दोपहर के आसपास आता है। आमतौर पर यह 40 से 50 मिनट तक रहता है। जब किसी कार्य के लिए शुभ समय न मिले, तो इस मुहूर्त में किया गया काम तुरंत फलदायी माना जाता है।

नवरात्रि 2025 का कैलेंडर

  • पहला दिन (22 सितंबर): मां शैलपुत्री
  • दूसरा दिन (23 सितंबर): मां ब्रह्मचारिणी
  • तीसरा दिन (24 सितंबर): मां चंद्रघंटा
  • चौथा दिन (26 सितंबर): मां कूष्मांडा
  • पांचवां दिन (27 सितंबर): मां स्कंदमाता
  • छठा दिन (28 सितंबर): मां कात्यायनी
  • सातवां दिन (29 सितंबर): मां कालरात्रि
  • आठवां दिन (30 सितंबर): मां महागौरी
  • नवां दिन (1 अक्टूबर): मां सिद्धिदात्री
  • विजयादशमी (2 अक्टूबर): दुर्गा विसर्जन

भक्तिमय हुआ माहौल

नवरात्रि के पहले दिन से ही मंदिरों में विशेष पूजन और भजन संध्या का आयोजन शुरू हो गया है। भक्तों ने माता रानी की चौकी सजाई और व्रत-पूजन की तैयारी की। घर-घर में मां दुर्गा के जयकारे गूंज रहे हैं।

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