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बृजभूषण शरण सिंह यौन उत्पीड़न केस में बरी, दिल्ली कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में WFI के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह और पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को बरी कर दिया। जानिए पूरे मामले का घटनाक्रम।

ब्यूरो कार्यालय

Author | Updated: 03 Aug 2026, 05:02 PM IST | 1 min read
बृजभूषण शरण सिंह यौन उत्पीड़न केस में बरी, दिल्ली कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला
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दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह तथा WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को छह महिला पहलवानों द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में बरी कर दिया। अदालत के इस फैसले के साथ मजिस्ट्रेट अदालत में चल रही सुनवाई समाप्त हो गई।

राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार ने अंतिम बहस पूरी होने के बाद 2 जुलाई को फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे सोमवार को सुनाया गया।

फैसले के बाद क्या बोले बृजभूषण शरण सिंह?

अदालत से बाहर निकलने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा,

“मैंने पहले दिन ही कहा था कि यदि मेरे खिलाफ कोई भी आरोप साबित हुआ तो मैं फांसी लगा लूंगा। अब अदालत ने मुझे सम्मानपूर्वक बरी कर दिया है। मैं न्यायपालिका और अपने वकीलों का आभारी हूं।”

उन्होंने यह भी कहा कि विस्तृत आदेश पढ़ने के बाद ही वह आगे कोई टिप्पणी करेंगे।

अभियोजन पक्ष ने क्या कहा?

सरकारी पक्ष के वकील मनीष रावत ने कहा कि अभियोजन पक्ष अदालत के विस्तृत आदेश का अध्ययन करेगा और उसके बाद यह तय करेगा कि ऊपरी अदालत में अपील की जाएगी या नहीं।

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उन्होंने कहा कि विस्तृत फैसले की समीक्षा के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

क्या था मामला?

यह मामला छह महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा था। शिकायतों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने अप्रैल 2023 में FIR दर्ज की और 15 जून 2023 को चार्जशीट दाखिल की।

चार्जशीट में बृजभूषण शरण सिंह पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की निम्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे

  • धारा 354 – महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
  • धारा 354A – यौन उत्पीड़न
  • धारा 354D – पीछा करना (स्टॉकिंग)
  • धारा 506(1) – आपराधिक धमकी

विनोद तोमर पर आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाया गया था।

बृजभूषण शरण सिंह यौन उत्पीड़न केस में बरी, दिल्ली कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

POCSO मामले का क्या हुआ?

एक नाबालिग महिला पहलवान से जुड़े अलग POCSO मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। बाद में शिकायतकर्ता द्वारा आरोप वापस लेने के बाद अदालत ने उस मामले की कार्यवाही समाप्त कर दी थी।

कोर्ट में सुनवाई कैसे चली?

इस मामले की सुनवाई इन-कैमरा (बंद कमरे) में हुई और मीडिया को कोर्ट कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। फैसले की विस्तृत प्रति का इंतजार किया जा रहा है।

पूरे मामले का घटनाक्रम (Timeline)

23 अप्रैल 2023 : महिला पहलवानों ने जंतर-मंतर पर बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना शुरू किया।

25 अप्रैल 2023 : सुप्रीम कोर्ट ने पहलवानों की याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया।

28 अप्रैल 2023 : दिल्ली पुलिस ने दो FIR दर्ज कीं।

15 जून 2023 : दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की।

18–20 जुलाई 2023 : बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर अदालत में पेश हुए और उन्हें नियमित जमानत मिली।

21 मई 2024 : अदालत ने पांच महिला पहलवानों की शिकायतों के आधार पर आरोप तय किए।

1 जून 2024 : मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई।

26 मई 2025 : नाबालिग पहलवान से जुड़े POCSO मामले में अदालत ने क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली।

2 जुलाई 2026 : अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा।

3 अगस्त 2026 : राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया।

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