अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की अंतरिम रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज की जांच में दान गिनती के दौरान संदिग्ध गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। जांच एजेंसियां इन फुटेज के आधार पर पूरे मामले की गहन पड़ताल कर रही हैं।
CCTV फुटेज में क्या मिला ?
प्रारंभिक जांच के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में कुछ कर्मचारियों पर दान राशि को निर्धारित प्रक्रिया से हटकर जेब, मोजों और अन्य व्यक्तिगत स्थानों में छिपाने जैसी संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने का दावा किया गया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ऐसी लगभग 70 संदिग्ध घटनाएं जांच के दायरे में हैं। हालांकि इन निष्कर्षों की अंतिम पुष्टि SIT की विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।
8 आरोपी गिरफ्तार
मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ये सभी दान गिनती और उससे जुड़ी प्रक्रिया में विभिन्न स्तरों पर शामिल बताए गए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और बरामद इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
CCTV रिकॉर्डिंग को लेकर भी सवाल
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सीसीटीवी फुटेज एक निर्धारित अवधि के बाद स्वतः हट जाती थी, जिससे पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो सके। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने डिलीट किए गए कुछ फुटेज को पुनः प्राप्त कर जांच में शामिल किया है।
ट्रस्ट ने क्या कहा?
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उसने स्वयं उत्तर प्रदेश सरकार से जांच कराने का अनुरोध किया था। ट्रस्ट का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और श्रद्धालुओं का विश्वास सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पांच वर्षों के खातों की होगी समीक्षा
SIT ने ट्रस्ट के पिछले पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड का पुनः ऑडिट (Re-audit) कराने का निर्णय भी लिया है, ताकि दान से जुड़े सभी लेन-देन की विस्तृत जांच की जा सके।
जांच अभी जारी
उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT को अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। फिलहाल यह अंतरिम रिपोर्ट है और जांच पूरी होने के बाद ही किसी भी व्यक्ति की भूमिका तथा कथित गबन की वास्तविक स्थिति पर अंतिम निष्कर्ष सामने आएंगे।





















